विधायक श्री टेकाम ने वयोश्री योजना अंतर्गत वरिष्ठ जनों एवं दिव्यांग जनों को सहायक उपकरण किए वितरित “कहानी सच्ची है”

( सीधी )

दिव्यांगजनों को मिली आत्मनिर्भरता

        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश में गरीब कल्याण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर अभियान चलाकर कर सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित किया जा रहा है। इसी क्रम में विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम, कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी, सीईओ जिला पंचायत आर के शुक्ल, गणमान्य नागरिक इंद्र शरण सिंह चौहान की उपस्थिति में वयोश्री योजना अंतर्गत वरिष्ठ जनों एवं दिव्यांग जनों को सहायक उपकरण वितरित किये गये। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम मेंदिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार व्हील चेयर, ट्राई साइकल, छड़ी, कान की मशीन आदि का वितरण किया गया।

केदार को मिली श्रवण यंत्र की सौगात
   ग्राम कुश्परी तहसील चुरहट के 75 वर्षीय केदार पटेल को  विगत 2 वर्ष से बहरापन हो जाने के कारण सुनने में बहुत कठिनाई होती है। उन्हें अपने दैनिक जीवन में बहुत ही समस्या  होती है। केदार को वयोश्री योजना अंतर्गत  श्रवण यंत्र प्रदान किया गया है। केदार को अब सुनने में कोई समस्या नहीं है। वह खुश होकर कहते हैं कि अब वे आसानी से अपनों के साथ समय व्यतीत कर सकेगे।

ट्राईसाइकल मिलने से खुश हैं हीरामणि
ग्राम परसवार तहसील बहरी से आये 50 वर्षीय हीरामणि कुशवाहा 1997 से पैर में सूजन  होने के कारण तथा निरंतर अस्वस्थ रहने के कारण वे चलने में असक्षम है। वे खेती किसानी का कार्य करते थे, उन्हें अब कहीं भी आने जाने के लिए सहारे की आवश्यकता पड़ती है। वह अपना काम स्वयं नहीं कर पाते हैं। हीरामणि को वयोश्री योजना अंतर्गत  ट्राईसाइकल प्रदान किया गया है।  समस्या का निराकरण होने से हीरामणि ने शासन एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। ट्राईसायकल मिलने से वे आसानी से कहीं भी आ जाकर अपना कार्य कर सकेंगे। उन्हें अब किसी और पर आश्रित नहीं रहना पडे़गा।

प्रहलाद को मिला ट्राईसाइकल का सहारा
ग्राम चरहाई तहसील चुरहट से आये  48 वर्षीय दिव्यांग प्रहलाद कोल ने  जन्म से ही दोनों में पैर से विकलांग हो जाने के कारण वे चलने में असक्षम है। उन्हें कहीं भी आने जाने के लिए सहारे की आवश्यकता पड़ती है। वह अपना काम स्वयं नहीं कर पाते हैं। उन्होने बताया कि साइकिल पंचर की दुकान है जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं । पूर्व में उन्हें ट्राईसाइकल प्रदाय की गई थी जो अब कार्य योग्य नहीं है।  क्योंकि उन्हें पूर्व में प्रदाय ट्राईसाइकल को 5 वर्ष से अधिक का समय बीत गया था, उन्हें पुनः ट्राईसाइकल प्रदाय की गई है। प्रहलाद ने कहा कि यह अब उनके लिए एक सहारा है। उन्हें अपना रोजगार करने में कोई समस्या नहीं होगी और वे अपने परिवार का अच्छे से भरण पोषण कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 600 रुपये मिलती है तथा खाने के लिए 35 किलो अनाज मिलता है।

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