गांधी जयंती के अवसर पर अक्टूबर माह को रक्तदान माह के रूप में मनाया जाएगा
( सीधी )
आपका रक्तदान बचा सकता है बहुमूल्य जिंदगियां
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नागेंद्र बिहारी दुबे द्वारा जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के पत्र में दिए गए निर्देश के पालन में गांधी जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस 1 अक्टूबर 2020 को जिला चिकित्सालय में आयोजित किया जाएगा तथा 1 से 30 अक्टूबर तक रक्तदान माह मनाया जाएगा। इस प्रकार का आयोजन माह अक्टूबर में प्रतिवर्ष किया जाता रहा है। इस वर्ष की थीम “let””s donate blood voluntary and contribute to the fight against Corona” है।
यह माना गया है कि स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त अधिक सुरक्षित होता है। रक्तदान एक ऐसा महादान है जो किसी व्यक्ति को जीवन दान दे सकता है मगर अक्सर लोग ब्लड डोनेट करने में हिचकिचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उन्हें नुकसान होगा जबकि ऐसा नहीं है रक्तदान के दौरान पूरी सावधानी बरती जाती है जिससे रक्तदाता को कोई नुकसान नहीं होता। 18 से 65 साल के बीच का स्वास्थ्य व्यक्ति रक्तदान कर सकता है जिसका वजन 45 किलो से ज्यादा और हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम से अधिक है। एक बार रक्तदान के 3 महीने के बाद दोबारा रक्तदान कर सकते हैं। ब्लड डोनेट करते समय खाली पेट नहीं होना चाहिए ब्लड डोनेट करने से पहले हल्का खाना और 1 दिन पहले खूब पानी पीना चाहिए। रक्तदान में केवल एक यूनिट ही रक्त लिया जाता है, एक यूनिट 400 से 525 मिलीलीटर खून होता है। जिससे आप 3 लोगो कि जिंदगी बचा सकते हैं। व निगेटिव ब्लड ग्रुप यूनिवर्सल डोनर कहलाता है क्योंकि इससे किसी भी ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को दिया जा सकता है वहीं अगर किसी नवजात शिशु को खून की जरूरत हो और उसका ब्लड ग्रुप न पता हो तब उसे व निगेटिव ब्लड ही दिया जाता है। रक्तदान के तुरंत बाद थोड़ा आराम करे, लंबे समय तक खड़े नहीं रहना चाहिए कम से कम आधा घंटा आराम करना चाहिए। धूम्रपान, तंबाकू या अन्य किसी भी प्रकार की नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। रक्तदान सबसे बड़ा दान है इसलिए दान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें आपकी एक कोशिश किसी को जीवनदान दे सकती है। स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त का उपयोग गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों थैलेसीमिया के मरीज, कैंसर के रोगी एवं एक्सीडेंट होने से ब्लड की कमी की पूर्ति की जा सकेगी। रक्तदान में कोई शारीरिक कमजोरी नहीं होती है।
इस अवसर पर सभी से अपील की गई है कि गांधी जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर तथा 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक पूरे माह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्तदान करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान करने हेतु प्रेरित करें। स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य शासकीय विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, मैदानी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्टाफ नर्स, एमपीडब्ल्यू, सेक्टर सुपरवाइजर, कोविड-19 के स्टाफ, समस्त संविदा कर्मचारी, जिला चिकित्सालय के समस्त स्टाफ से भी अनुरोध किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करें जिससे जरूरतमंदों की जिंदगी को बचाया जा सके और रक्तदान से रक्त की भावी आवश्यकता की पूर्णता की जा सके।
