SSR Case: सुब्रमण्यम स्वामी चाहते हैं धारा 302 के तहत FIR दर्ज करे CBI, सुशांत के फैंस से की ये अपील

( नई दिल्ली )

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम ने सुशांत सिंह राजपूत केस में सीबीआई जांच में हो रही देरी पर निराशा जताई है. उन्होंने सीबीआई से इस मामले में आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

Subramanian Swamy Demand cbi probe with files fir under section 302 in Ssr case investigation

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच कर रही सीबीआई की जांच में हो रही देरी से सुशांत कि परिवार और वकील विकास सिंह काफी आहत हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाए थे. उन्होंने इस केस में आए ड्रग्स मामले में सुशांत का केस डायवर्ट होने पर भी चिंता जताई थी. अब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुशांत के केस लेकर एक ट्वीट किया है और सीबीआई से हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है.

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट में लिखा, “सुशांत सिंह राजपूत के फैंस के लिए ये बहुत दुख की बात है कि सुशांत के लिए जल्दी न्याय मांगने वालों की संतुष्टि के लिए जांच बहुत सावधानी की जा रही है. मुझे लगता है कि अब सीबीआई को धारा 302 के तहत मामला दर्ज करना चाहिए, क्योंकि उनके पास मौजूदा जानकारी कानूनी रूप से पर्याप्त है.”

यहां पढ़िए सुब्रमण्यम स्वामी का ट्वीट-

लोगों से की सब्र रखने की अपील
सुब्रमण्यम स्वामी के इस ट्वीट पर सुशांत के फैंस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने जल्द से जल्द न्याय के लिए उग्र होने के भी बात कही. ऐसे ही एक उग्र यूजर के रिप्लाई पर प्रतिक्रिया देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी उन्हें सब्र रखने के लिए बोला और कहा कि सबकी जीत होगी. उन्होंने लिखा,”शारीरिक रूप से हारने से पहले मानसिक रूप से नहीं हारना चाहिए. आपकी जीत होगी.”एम्स की फोरेंसिक टीम पर भी उठाए सवाल
सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर बीजेपी नेता शुरू से उत्तेजित हैं. वह सुशांत के न्याय लिए सोशल मीडिया पर बयान दे रहे हैं. उन्होंने एम्स की फोरेंसिक टीम के द्वारा सुशांत के विसरा की रिपोर्ट की जांच पर सवाल उठाए थे और उसे सुनंदा पुष्कर मामले में जोड़ा है. उन्होंने कहा था, “कुछ पुलिस अधिकारी मीडिया में यह बता रहे हैं कि एम्स के पोस्टमार्टम से यह पता चलेगा कि यह हत्या थी या आत्महत्या. वे ऐसा कैसा कर सकते हैं, जब सुनंदा केस की तरह ही उनके पास एसएसआर का शव नहीं है? ज्यादा से ज्यादा, एम्स की रिपोर्ट यही बता सकती है कि डॉ. कूपर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा क्या किया गया और क्या नहीं किया गया.”

 

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