शासकीय कर्मचारी किसी भी प्रकार के चुनाव अभियान या प्रचार में भाग नही लेंगे-जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सिंह –
( धार )
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा उप निर्वाचन-2020 के लिए 202-बदनावर का कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है। जिसके अनुसार सम्पूर्ण जिले में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। कार्यक्रम अनुसार तीन नवम्बर (मंगलवार) को मतदान तथा 10 नवम्बर (मंगलवार) को मतगणना कार्य संपादित होगा। भारत निर्वाचन आयोग एवं मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जावे।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने शासकीय कर्मचारियों के चुनाव में विल्फुल निष्पक्ष रहने के निर्देश दिए है। वे किसी को यह महसूस न होने देंवे कि वे निष्पक्ष नही है। जनता को उनकी निष्पक्षता का विश्वास होना चाहिये तथा उन्हे ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये जिससे ऐसी आशंका भी हो कि वे किसी दल या उम्मीदवार की मदद कर रहे है। शासकीय कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के चुनाव अभियान का प्रचार में भाग नही लेना चाहिये तथा उन्हें यह देखना चाहिये कि उनकी सरकार में हैसियत या अधिकारों का लाभ कोई दल या उम्मीदवार न ले सकें। निर्वाचन में किसी अभ्यर्थी के लिये कार्य करना म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियत 1965 के प्रावधानों के विपरित है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 129 एवं 134-क का कड़ाई से पालन किया जावे। निर्वाचन के दौरान अधिकारी, कर्मचारी न तो किसी अभ्यर्थी के लिये कार्य करेंगे ओर न मत डालने में कोई असर डालेंगे। इसके अतिरिक्त कोई शासकीय सेवक निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता के रूप में कार्य नहीं कर सकता है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 28-क के अधीन निर्वाचन के संचालन के लिये नियोजित समस्त अधिकारी, कर्मचारी तथा राज्य सरकार द्वारा पदाभिहित पुलिस अधिकारी निर्वाचन के परिणाम घोषित होने तक निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर समझे जायेगे और उस समय तक निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन रहेंगे। निर्वाचन में संशक्तः पदीय कर्तव्य को सुनियोजित तरीके से जिम्मेदारी पूर्वक करना विधि द्वारा उपेक्षित कर्तव्य है, जिसकी अवहेलना शासकीय सेवक को दण्ड का पात्र बनाती है। चुनाव की घोषणा की तारीख से निर्वाचन समाप्त होने की अवधि में मंत्रियों के यात्रा के दौरा सिलसिले में शासन द्वारा आदेश जारी किये है। जिसमें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा दिनांक से लेकर निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक की अवधि में केन्द्र या राज्य शासन के कोई मंत्री किसी ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में शासकीय दौरा नहीं करेंगे, जिसमें निर्वाचन की घोषणा हो चुकी है। (केवल प्राकृतिक आपदा स्थितियों को छोड़कर) निर्वाचन आयोग उल्लेखित आदेश का उद्धरण जैसे यदि मंत्री संस्था या पार्टी की ओर से आम सभा आयोजित करते है तो सभा की व्यवस्था नहीं की जाए, केवल कानून एवं व्यवस्था बनाऐ रखना सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई मंत्री चुनाव के काम के लिये कही जाते है, तो शासकीय कर्मचारी तथा अधिकारी उनके साथ नही जाऐंगे। उन अधिकारियों, को छोड़कर, जिन्हें ऐसे सभा या आयोजन में कानून एवं व्यवस्था लिए सुरक्षा के लिए या कार्यवाही नोट करने के लिए तैनात किया गया हो, दूसरे अधिकारियों को ऐसी सभा या आयोजन में शामिल नही होना चाहिए। जब किसी मंत्री को निजी मकान पर खाने-पीने के लिये आमंत्रित किया जाता है, तो कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी उसमें शामिल न हो। आयोग द्वारा जारी की गई आदर्श आचरण संहिता का सभी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी इसका पालन सुनिश्चित करें। यह आदर्श आचरण संहिता आयोग द्वारा निर्धारित तिथि को घोषणा दिनांक से प्रभावशील हो गई।
