माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण के लिए कर सकते हैं आवेदन –

( पन्ना )

उप संचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्त कल्याण श्री अशोक चतुर्वेदी द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार शासन द्वारा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 लागू किया गया था जो जिले में प्रभावशील है। अधिनियम के प्रावधान अनुसार प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक जो 60 साल या अधिक आयु के हैं और अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं। उनके पुत्र-पुत्रियों व सम्बधियों द्वारा भरण-पोषण न किए जाने की स्थिति में भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं। वरिष्ठजनों की उपेक्षा एवं परित्याग एक संज्ञेय अपराध है। जिसके तहत 3 माह की सजा या अर्थदण्ड अथवा दोनों एक साथ हो सकते हैं।
अधिनियम के प्रावधानों के तहत जिले के समस्त अनुभाग में भरण-पोषण अभिकरण गठित हैं। वरिष्ठजन अभिकरण में आवेदन देकर भरण-पोषण के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। भरण-पोषण अभिकरण के आदेश के विरूद्ध अपील की सुनवाई हेतु जिला स्तर पर अभिकरण गठित है। वरिष्ठ नागरिकों की चिकित्सीय देखरेख, जीवन और सम्पत्ति की सुरक्षा का प्रावधान इस नियम है। मध्यप्रदेश शासन के सभी शासकीय विभाग, अर्द्धशासकीय उपक्रम, बोर्ड, निकायों के अधिकारी, कर्मचारी जो अपने माता-पिता की उपेक्षा करते ऐसे अधिकारी, कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत या 10 हजार रूपये काटकर भरण-पोषण भत्ता आवेदक माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते में जमा कराना प्रावधानित है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण कल्याण अधिनियम 2007 एवं नियम 2009 विभागीय वेबसाईट www.cocialjustice.mp.gov.in पर उपलब्ध है। उप संचालक सामाजिक न्याय द्वारा जिले के समस्त कार्यालय प्रमुखों को इस आशय की जानकारी देते हुए माता-पिता एवं वरिष्ठजन तथा कल्याण अधिनियम के संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है।

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