कटनी शहर में 99 स्थानों पर दीवाली से पहले संचालित होंगे मिल्क पार्लर

कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा खरीफ और रबी तैयारी की समीक्षा

कटनी  कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के0के0 सिंह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जबलपुर संभाग की खरीफ फसल कार्यक्रम 2020 और रबी 2020-21 की तैयारियों की समीक्षा की। जबलपुर संभाग के सभी जिलों की समीक्षा में चरणबद्ध रुप से पशुपालन, दुग्ध संघ, कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता और मत्स्य पालन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। एनआईसी कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग कक्ष में कलेक्टर शशिभूषण सिंह, सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ0 आर0पी0एस0 गहरवार, उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर, एलडीएम उद्यम वानरा, सहायक आयुक्त सहकारिता डॉ0 अरुण मसराम, जिला मार्कफेड अधिकारी शिखा सिंह वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

            कृषि उत्पादन आयुक्त की समीक्षा बैठक में कलेक्टर शशिभूषण ंिसह ने बताया कि रबी मौसम के तहत पिछले वर्ष 2 लाख 20 हजार हैक्टेयर की पूर्ति की गई थी। इस बार रबी फसलों के क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य 2 लाख 30 हजार हैक्टेयर रखा गया है। जिसमें 1 लाख 98 हजार हैक्टेयर गेहूं और 23 हजार 500 हैक्टेयर में चना प्रस्तावित है। दुग्ध संघ और दुग्ध उत्पादन की समीक्षा में बताया गया कि कटनी शहर में 99 स्थानों पर सांची के दुग्ध पार्लर खोलने स्थान का चयन एवं अन्य कार्यवाही की गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सीईओ दुग्ध महासंघ जबलपुर को निर्देशित किया कि कटनी में दीवाली के पहले सभी 99 दुग्ध पार्लर संचालित करने के प्रयास करें। कटनी जिले में पहली बार मिल्क रुट का चयन और समितियां गठित कर दुग्ध संकलन की गतिविधियों को शुरु करने के प्रयासों की सराहना करते हुये स्लीमनाबाद में प्रस्तावित बीएमसी की स्थापना के लिये 51 लाख रुपये के प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति देने की कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये।

            बैठक में फसलों की नरवई खेतों में जलाने से होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने संबंधी जागरुकता लाकर प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिये। संचालक कृषि ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नरवई में आग लगने की घटनाओं की निगरानी सैटेलाईट सिस्टम से की जा रही है। नरवई में आग लगने पर दण्ड भी अधिरोपित करने के प्रावधान हैं। जिले में प्रभावी कार्यवाही के लिये जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समितियां भी गठित की गई हैं। मध्यप्रदेश आत्म निर्भर भारत कृषि मिशन के तहत एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड के तहत 2 करोड़ रुपये के ऋण का भी प्रावधान है। जिसके लिये भारत सरकार के पोर्टल पर 80 लोगों ने आवेदन किया है।

            उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में इन्टर क्रॉपिंग और फूड प्रोसेसिंग की गतिविधि को बढ़ावा देने, मत्स्य विभाग में मत्स्य उत्पादन की गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश भी दिये गये।

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