गृहभेंट और देखरेख से 3257 बच्चे हुये सुपोषित

कटनी – कोरोना संक्रमण काल में मार्च 2020 से आंगनबाड़ी केन्द्र बंद रखे जा रहे हैं। लेकिन कटनी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की सजग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सतत् निगरानी कमजोर वजन के बच्चों की उचित देखभाल के लिये घर पहुंच संदर्भ सेवाओं के फलस्वरुप अप्रैल से अक्टूबर माह तक 3 हजार 257 बच्चों के वजन में सुधार होकर कुपोषण की श्रेणी से बाहर हुये हैं।

कलेक्टर शशिभूषण सिंह के निर्देशन में सुपोषण के लिये चलाये जा रहे विविध नवाचारों में पोषण माह सितम्बर 2020 में माह भर पोषण की गतिविधियों का संचालन बच्चों को घर पहुंच सेवा के माध्यम से किया गया। पोषण माह के समापन पर एक ही दिन में पूरे जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज अतिकम वजन के 2187 सभी बच्चों को स्नेह सरोकार के अन्तर्गत अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों को पोषण के लिये गोद दिया गया है। पोषण अभियान की गतिविधियों में कटनी जिला प्रदेशभर में अव्वल दर्जे पर रहा है।

कलेक्टर श्री सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 10 नवम्बर से अतिकम वजन के कुपोषित बच्चों को गृहभेंट का कार्यक्रम नवाचार के रुप में प्रारंभ किया है। गृहभेंट कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक सहित कुल 73 अधिकारियों ने मंगलवार को 73 कुपोषित बच्चों के घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उपहार स्वरुप दलिया, चना, गुड़, हॉर्लिक्स के बिस्किट, मूंगफली के पैकेट प्रदान किये। अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों के अभिभावकों की कौसलिंग कर वजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कराने की सलाह दी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि गृहभेंट कार्यक्रम के तहत प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के 73 अधिकारी 73 कुपोषित बच्चों के घरों में दस्तक देंगे और उनकी स्वास्थ्य निगरानी करेंगे। इसी तरह 12 माह में 73 बच्चों के मान से 876 बच्चों की निगरानी अधिकारी स्वयं कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि जिले में पोषण गतिविधियों के माध्यम से अप्रैल से अक्टूबर 2020 तक 2439 कम वजन के एवं 818 अतिकम वजन के कुल 3257 कुपोषित बच्चों को कुपोषण की परिधि से बाहर लाया गया है।

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