Public health guards submitted memorandum to the Chief Minister in the legislative office
जन स्वास्थ्य रक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम विधायक कार्यालय में ज्ञापन सौंपा
विजयराघवगढ़ जनस्वास्थ्य रक्षक संघ के समस्त सदस्यों ने अपनी मांगों को पूर्ण कराने हेतु विधायक कार्यालय पहुचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा ।मध्यप्रदेश में 1995 से 2005 के मध्य शासन द्वारा जन स्वास्थ्य रक्षकों को 6 माह का प्रशिक्षण देकर ₹500 प्रति माह मानदेय प्रदान किया गया था। इसके उपरांत राज्य स्तरीय परीक्षा ली गई व प्राथमिक उपचार हेतु स्वास्थ्य किट एवं बोर्ड भी प्रदान किया गया जिस आधार पर जन स्वास्थ्य रक्षकों द्वारा राज्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में हिस्सा भी लिया गया । कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश के अनुसार जन स्वास्थ्य रक्षकों द्वारा पल्स पोलियो, कुष्ठ उन्मूलन, एड्स नियंत्रण, मलेरिया ,पीलिया डायरिया ,फाइलेरिया आदि के कैम्पों में समय-समय पर सहयोग किया गया । शासन के निर्देशन से गांव गांव में स्वास्थ्य सेवा हेतु नियुक्त किया गया तथा पंचायत कर्मी शिक्षाकर्मी की भाति इन्हें प्रशिक्षण देकर के सेवाएं ली गई वही इसके बावजूद भी विगत 15 वर्षों से प्रदेश भर में जन स्वास्थ्य रक्षकों की अनदेखी की गई। स्वास्थ्य सेवाएं देने में तत्पर उपस्थित जन स्वास्थ्य रक्षकों ने मांग की है कि उक्त जन स्वास्थ्य रक्षकों के भविष्य का ध्यान रखकर सभी को पुनः स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का आदेश दिया जाये।इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश नामदेव, रामसुखी सोनी, रज्जू कोरी, जमुना प्रसाद दुबे, संजय मिश्रा, राजेश माली, कृष्ण कुमार दुबे, सत्यनारायण मिश्रा, बाबू भाई पटेल, अजय शर्मा, मोहम्मद जुबेर, रामअवतार पटेल, अशोक पटेल आदि जन स्वास्थ्य रक्षकों की उपस्थित रही।
