अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनी पिंकी की फुटवियर की दुकान – खुशियों की दास्तां
( शिवपुरी )
जिले के पिछोर विकासखंड के ग्राम वीरा निवासी पिंकी कोली अपने पति के साथ भीलवाड़ा राजस्थान में काम करती थी। लेकिन कुछ समय पहले उनके पति की तबीयत खराब हुई जिसके चलते उन्हें ग्वालियर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पिंकी के पति का ऑपरेशन हुआ। ठीक होने के बाद वह काम के लिए फिर भीलवाड़ा गए लेकिन उन्हें वहां अच्छा काम नहीं मिला इसलिए शिवपुरी अपने गांव वीरा वापस आये।
पिंकी ने बताया कि उन्होंने यहां किराने की दुकान खोली। दुकान एक वर्ष तक सही चली लेकिन अन्य दुकान खुलने से धीरे धीरे लाभ कम हो गया और एक वर्ष बाद दुकान भी बंद हो गई। फिर उन्हें किसी माध्यम से शासन की एसवीईपी परियोजना की जानकारी मिली और वह समूह से जुड़ी। जिससे उन्हें 27 हजार रुपये का लोन मिला। उन्होंने इससे जूते चप्पल की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उनकी दुकान अच्छी चलने लगी, जिससे उन्होंने दुकान में सामान और बढ़ाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऋण की किस्त भी समय पर चुका दी है और बाइक भी खरीद ली है।
पिंकी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उद्यम विकास प्रशिक्षण में उन्हें किस प्रकार उद्यम चलाया जाए इसकी भी जानकारी मिली। साथ ही समूह के सुझावों से काम बढ़ाने में मदद मिली। फुटवियर दुकान से उन्हें प्रतिमाह 10 से 12 हजार का लाभ हो जाता है। पिंकी का कहना है कि अब वह अन्य महिलाओं को भी सलाह देती है और क्योंकि उनका काम अच्छा चल रहा है इसे देखकर अन्य महिलाएं उसे गंभीरता से लेते हुए प्रेरणा भी ले रही हैं। और समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर होकर काम कर रही हैं।

