गृह मंत्री अमित शाह को केंट के 24000 मतदाताओं की ओर से शिवसेना ने सौंपा ज्ञापन
गृह मंत्री अमित शाह को केंट के 24000 मतदाताओं की ओर से शिवसेना ने सौंपा ज्ञापन 
जबलपुर। शिवसेना , अखिल भारतीय छावनी उत्थान एवं संघर्ष समिति , छावनी किसान संघ तथा छावनी निर्वाचन नियम 10 (3) की गलत व्याख्या करके जबलपुर केंट बोर्ड के द्वारा मनमानी करते हुए जिन 24000 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं उन सभी ने जनहित में गृहमंत्री भारत सरकार अमित शाह से मांग की जिसे शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता पंडित कन्हैया तिवारी ने एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि हमारी मांग :-
(1) सर्वप्रथम केंट एड 1924 वर्तमान में 2006 का अंग्रेजों का काला कानून समाप्त हो एवं 24000 मतदाताओं को मताधिकार एवं जमीन मकान का मालिकाना हक दिया जाए ।
(2) जब हम लोग लोकसभा विधानसभा में मतदाता हैं तो केंट चुनाव में क्यों नहीं हम भी इस देश के नागरिक हैं ना कि घुसपैठिए या शरणार्थी ।हमें केंट चुनाव में भी मताधिकार दिया जाए ।
(3) संसद में अध्यादेश लाकर हम 24000 मतदाताओं को स्थायित्व एवं मताधिकार दिया जाए तथा सरकार केंट के किसान एवं सैन्य विभाग से भूमि अदला-बदली कर जमीन घर का मालिक घोषित करते हुए मताधिकार दे।
साथ ही कन्हैयातिवारी ने यह भी बताया कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जनहित में 22 दिसंबर 2019 को दिल्ली की लगभग 1700 अवैध कॉलोनियो को वैध घोषित किया तो फिर हमें क्यों नहीं ??
हमारे द्वारा की जा रही मांगों को पूर्ण करने का अधिकार केंद्र सरकार को ही।है अतः संसद में अध्यादेश लाकर हमें भी संविधान से प्राप्त मूलभूत अधिकार केंट वासियों को भी दिए जाएं अन्यथा हमारा विरोध प्रदर्शन आंदोलन चलता रहेगा ।
एसडीएम मनीषा वासकले ने आश्वासन दिया कि वह माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को ज्ञापन पहुंचा कर हमारी मांगे रखेंगी । ज्ञापन सौंपने वालों में पं कन्हैयातिवारी ( प्रदेश प्रवक्ता शिवसेना ), एडवोकेट द्वारका वर्मा (पूर्व उपाध्यक्ष,) लियो अलॉयसेस (पूर्व पार्षद केंट

), घनश्याम बावरिया ,नंदुभैया पासी सदर, नरेश कुशवाहा ,देवेन्द्र बावरिया ,रोशन गौतेल ,प्रकाश गौतल ,सचिन रजक, राजु पासी, नंदकिशोर बावरिया, श्री निवास नायडू, शुभम यादव दिलीप राव, प्रमोद तिवारी, सौरव चक्रवर्ती इत्यादि केंट क्षेत्रवासी उपस्थित थे ।
