ब्रेकिंग न्यूज़ : एसीसी कैमोर परोस रही है संक्रमण का जहर, बंद नहीं करा पा रहा प्रशासन
एशिया की नंबर 1 कंपनी हुई बंद , तो क्यों नहीं हो सकती एसीसी ?
(भोपाल) मध्यप्रदेश के कटनी जिले का कैमोर नगर एसीसी सीमेंट औद्योगिक नगरी के नाम पर जाना जाता है। एसीसी कंपनी सीएसआर के माध्यम से क्षेत्र के विकास में करोड़ों रूपए खर्च करने का दावा करती है लेकिन वर्तमान समय में कोरोना संकट के दौरान एसीसी कंपनी के द्वारा क्षेत्र एवं नगरवासियों के स्वास्थ के साथ जो खिलवाड किया गया है उससे उनकी हकीकत सामने आ गई है और उनके दावों की पोल खोल कर रख दी है।
एक साथ कई मौतेँ देख आंखें हूई नम
विजयराघवगढ़ के मुक्तिधाम में एक साथ तीन चिता देख कर मन में कितनी पीड़ा हुई होगी इसका अन्दाजा सिर्फ वही लगा सकता है जिसने कभी अपने व्यक्ति से बिछुड़ने का दर्द करीब से देखा होगा। विजयराघवगढ़ तहसील के साथ कैमोर नगर होने वाली मौतों में जिले में प्रथम स्थान पर है।
क्यो आया कोरोना ?
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में कैमोर नगर में कोरोना का प्रभाव नाम मात्र का था। मीडिया की प्रभावी भूमिका एवं समाजसेवी, जनप्रतिनिधियों की जागरुकता से कोरोना कैमोर में पैर नहीं पसार सका था लेकिन कोरोना के वर्तमान परिवेश में जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवी की मजबूरी एवं विवशता का खामियाजा आमजन नगरवासियों को प्रतिदिन कई जान गवाकर चुकानी पड़ रही है।
कहां से कैसे आया कोरोना ?
विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत अमेहटा में एसीसी अमेठा प्रोजेक्ट का भूमि पूजन माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किये जाने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन को शासन प्रशासन की ओर से मनमानी करने की मूक स्वीकृति प्रदान की गई है। अमेठा प्रोजेक्ट में एसीसी द्वारा लगभग दो हजार से ज्यादा मजदूर अन्य राज्यों से बुलाए गए हैं जो कैमोर नगर के प्रत्येक वार्डों में किराए से रहते हैं। इन मजदूरों का प्रतिदिन प्रोजेक्ट में कार्य हेतु आना जाना होता है। इस कोरोना के संक्रमण में उनकी अहम भूमिका है।
क्या कहता है नियम
मध्यप्रदेश शासन गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निर्माण इकाई को चालू रखने का प्रावधान है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन कंपनी में श्रमिकों को कंपनी परिसर के अंदर ही रहकर काम किए जाने का प्रावधान किया गया है लेकिन एसीसी प्रबंधन द्वारा प्रोजेक्ट जो कि कंस्ट्रक्शन इकाई के अंतर्गत आता है, मे खुले तौर पर नियमों का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों श्रमिक प्रतिदिन कैमोर से अमेठा एवं अमेठा से कैमोर आते जाते हैं। यही वह कारण हैं जिसने कैमोर नगर में कोरोना की इतनी भयावह स्थिति कर दी है कि प्रतिदिन कई मौतें हो रही हैं।
प्रशासन की चुप्पी से नगरवासी हैरान/ परेशान
प्रशासन के आंखों के सामने प्रतिदिन कैमोर, विजयराघवगढ़़ में कई मौतें हो रही हैं लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। जनता मन ही मन यह सोच कर हैरान है कि प्रशासन जनता के लिए है या सिर्फ औद्योगिक इकाइयों के लिए। प्रशासन का रुझान हमेशा से एसीसी प्रबंधन की ओर रहा है लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में प्रतिदिन कई जानें जाने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यपद्धती कई संदेहों को जन्म देती है।

जनप्रतिनिधियों का नहीं है कोई पता
कैमोर नगर में जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की कमी नहीं है। चुनाव आते ही पुरानों के साथ कई नए चेहरे भी दिखाई देते हैं लेकिन वर्तमान परिवेश में प्रतिदिन हो रही मौतों के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि की आवाज जनता के लिए न निकलना बेहद चिंतनीय है। कोई भी जनप्रतिनिधि एसीसी प्रबंधन के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल पा रहा है उसके पीछे की वजह उनकी मजबूरी और उनकी विवशता को सभी लोग समझ रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी नहीं कर पा रहे अपने अधिकारों का उपयोग
जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं उनकी सक्रियता से कोरोना को नियंत्रित करना कोई बड़ा काम नहीं है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन उनके अधीनस्थ काम करने वाले प्रशासनिक अधिकारी अपने निजी स्वार्थों एवं अघोषित दबाव के चलते वास्तविक स्थिति को कलेक्टर से छिपा रहे हैं। नगर में प्रतिदिन हो रही मौतों का आंकड़ा भी गोपनीय है। पुलिस प्रशासन द्वारा जहां एक और गरीबों को वाहन एवं मास्क चेकिंग के नाम पर दंडित लिया जा रहा है वहीं औद्योगिक इकाइयों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को खुली छूट दी जा रही है।
कलेक्टर के शब्दों में दिखी बेबसी की धुंध, शासन के आदेशों की दुहाई देकर झाड़ लिया पल्ला
जिला कलेक्टर ने कैमोर विजयराघवगढ़ निरीक्षण के दौरान अमेहटा से कैमोर श्रमिकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के प्रश्न पर कहा की हम इन्हें नहीं रोक सकते शासन का आदेश है। कलेक्टर के इस स्टेटमेंट के बाद औद्योगिक इकाइयों को पूरी तरह खुली छूट मिल गई नियमों का उल्लंघन करने की। ज्ञात हो कि गृह मंत्रालय मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट लिखा हुआ है की कंस्ट्रक्शन इकाई के श्रमिकों को कंपनी कैंपस के अंदर सुविधाएं देकर काम कराया जा सकता है। उस आदेश में यह भी लिखा है कि जिले के कलेक्टर परिस्थितियों को देखते हुए स्वविवेक से निर्णय ले सकते हैं। प्रतिदिन कई मौतें होने के बाद भी प्रशासन द्वारा गंभीरता से नहीं लेना शासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
एसीसी सीएसआर विभाग लापता
एसीसी कैमोर प्रतिदिन क्षेत्रीय संसाधनों का दोहन एवं क्षेत्रवासियों को कई घातक बीमारियां देकर प्रतिदिन करोड़ों रुपए का व्यापार कर रही है लेकिन इस संकट की घड़ी में प्रतिदिन हो रही मौतों को देखने के बाद भी आम नागरिकों के जान की परवाह किए बिना कुछ भी सुविधाएं नहीं देना बेहद शर्मनाक एवं चिंताजनक है। एसीसी द्वारा कटनी एवं मेहगांव में क्षेत्रीय विधायक की मांग पर नाम मात्र का सहयोग यह दर्शाता है कि सीएसआर के नाम पर करोड़ों खर्च करने वाली कंपनी वास्तव में क्षेत्रीय विकास एवं जनसुविधाओं में कितना खर्च कर रही है।
मारुति सुजुकी कंपनी से एसीसी कैमोर ले सबक
भारत की ख्याति प्राप्त बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड से एसीसी कैमोर को सबक लेने की आवश्यकता है। मारुति सुजुकी कंपनी ने कोरोना संक्रमण के दौरान अपनी कंपनी को बंद करते हुए कहा है कि हमारे लिए हमारे कर्मचारियों एवं क्षेत्र वासियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।

एसीसी एवं एवरेस्ट कंपनी का असली चेहरा आया सामने
क्षेत्र में आई घोर भयानक विपदा के समय एसीसी एवं एवरेस्ट के द्वारा क्षेत्रवासियों को कोई भी सुविधा उपलब्ध न कराया जाना उनकी वास्तविक मानसिकता को प्रकट करता है। दोनों कंपनियों के पास सर्व सुविधा युक्त हॉस्पिटल एवं अन्य सुविधाएं होते हुए भी नगर वासियों को उनके हाल में मरने के लिए छोड़ देना बेहद चिंताजनक एवं शर्मनाक है।
क्षेत्रीय विधायक ही मात्र एक सहारा
इस वक्त जब क्षेत्र में कोरोना संक्रमण भयावह स्थिति में है, औद्योगिक इकाइयां एसीसी एवं एवरेस्ट के द्वारा कुछ भी सहायता नहीं दी जा रही है, ऐसे में क्षेत्रवासियों को मात्र एक उम्मीद क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक से ही है। क्षेत्रीय विधायक श्री पाठक जन सेवा के लिए ही जाने जाते हैं। उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए अपनी तरफ से सभी आवश्यक सहायता देने का ऐलान किया है। ज्ञात हो की उनके द्वारा स्वयं के पैसों से 300 बिस्तरों का सर्व सुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर कोरोना मरीजों के उपचार हेतु कटनी में प्रारंभ किया गया है।

