जिला न्यायाधीश के वाहन चालक मोहन सिंह ने रक्तदान कर बचाई युवती की जान

(पन्ना) पन्ना जिले के बग्ला निवासी छाया सिंह कुशवाहा को ओ पॉजिटिव ब्लड की अत्यंत जरूरत थी। पीड़ित परिवार से एक व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके थे मगर पीड़ित लड़की को 3 यूनिट ब्लड की और जरूरत थी। परिवार में किसी का भी खून ना मिलने के कारण परिवार के सदस्य 24 घंटे से परेशान थे। पन्ना जिले के समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी को जब दूरभाष के माध्यम से जानकारी दी गई तब उनके द्वारा एवं पन्ना शहर के समाजसेवी आशीष कुशवाहा द्वारा सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित किया गया। सोशल मीडिया पर प्राप्त हुए संदेश को पढ़ते ही पन्ना जिला न्यायधीश कार्यालय में पदस्थ वाहन चालक मोहन सिंह को जैसे ही जानकारी प्राप्त हुई वह कार्यालय कार्य से फ्री होते ही जिला अस्पताल पन्ना पहुंचे और पीड़ित युवती के परिजनों से मिलने के उपरांत उन्होंने स्वेच्छा से रक्तदान कर पुनीत कार्य किया गया है। रक्तदान दाता मोहन सिंह निवासी बरियारपुर अजयगढ़ द्वारा कहा गया कि रक्तदान प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में तीन से चार बार अवश्य करना चाहिए । रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं होता है। उन्होंने बताया की यह प्रेरणा उन्हें जिला न्यायाधीश कार्यालय में पदस्थ कई रक्त वीर कर्मचारियों के माध्यम से प्राप्त हुई और काफी समय से वह स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहते थे लेकिन उन्हें समय पर जानकारी न मिलने के कारण वह रक्तदान करने से वंचित हो जाते थे। पहली बार रक्तदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और अपने आप को अच्छा महसूस कर रहे हैं। रक्तदाता मोहन सिंह ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को खून दान अवश्य करना चाहिए। रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं होता है और समय पर किए गए खून दान से किसी के जीवन को बचाने का सौभाग्य प्राप्त होता है और यह सौभाग्य किस्मत वालों को ही प्राप्त होता है।

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