बुंदेलखंड में विकास का हो रहा एनकाउंटर : खनिज संपदा, पर्यटन स्थलों की भरमार बुंदेलखंड विकास पर उपेक्षा
!!.बुंदेलखंड में दो केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक व प्रह्लाद पटेल, शिवराज सरकार में सागर से गोपाल भार्गव, गोविंद सिंह राजपूत व भूपेंद्र सिंह, पन्ना से बृजेंद्र प्रताप सिंह कैबिनेट मंत्री साथ ही दमोह से राहुल लोधी, बड़ामलहरा से प्रदुमन सिंह लोधी निगम बोर्ड अध्यक्ष.!!
(बुंदेलखंड) बुंदेलखंड संपदाओं से भरपूर क्षेत्र हमेशा से रहा है, वीर भूमि बुंदेलखंड ने अनेक वीरों के साथ कई नेता भी दिए हैं लेकिन यह क्षेत्र लंबे समय से विकास के नाम पर उपेक्षा का ही शिकार रहा है l अनदेखी और लापरवाही के चलते ऐसा लग रहा है कि बुंदेलखंड में विकास का तो एनकाउंटर की कर दिया गया है l कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा शासनकाल में अधिक विकास कार्य हुए हैं लेकिन लेकिन यहां तो अंधेकी ही होती रही सागर में मेडिकल कॉलेज को छोड़ो कोई बड़ी बात नहीं है, आधुनिक औद्योगीकरण की दिशा में सुनता ही है गढ़ाकोटा क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है लेकिन राजनीतिक उदासीनता के चलते यहां से संबंध कोई प्लांट नहीं लग सका, कई साल पहले शुगर मिल की भी चर्चा चली थी लेकिन उसका क्रियान्वयन नहीं हो सका कांग्रेस की 70 साल में विकास शून्य के जवाब में भाजपा इस क्षेत्र से दो केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और प्रह्लाद पटेल हैं जो बोल कुछ कर सकते हैं l इसी प्रकार सागर जिले से सभी तीन मंत्री भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, गोविंद सिंह राजपूत, पन्ना से बृजेंद्र प्रताप सिंह इसके अलावा निगम मंडल की दो पदाधिकारी दमोह से राहुल लोधी और छतरपुर जिले से बड़ामलहरा के प्रदुमन सिंह लोधी हैं, अगर यह सब मिलकर इस दिशा में कदम उठाएं तो उस क्षेत्र का उद्धार हो सकता है l बुंदेलखंड में खनिज संपदा, पर्यटन स्थलों की भरमार है बस राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है l विकास के नाम पर भले ही समाज का पात्र लोगों का भला ना हुआ हो लेकिन कुछ लोग कच्चे मकान में आलीशान भवन दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहनों में चिपक कर दिए गए हैं l कुछ पंचायत सुधारने वाले पेट्रोल पंप और कई एकड़ जमीन के मालिक बन गए हैं l ऐसे ही कुछ लोगों ने कागजों कागजों में ही कई तालाब करवा दिए और कई झील से तालाबों का कागजों में ही कई बार पूर्ण उधार सुंदरीकरण कर दी अपना विकास कर लिया बाद में इसकी जांच हो जिसकी जांच को भी दबा दिया गया l
पीने वालों को तो पीने का बहाना चाहिए की तर्ज पर ही बयान वीर भी चल रहे हैं l ध्यान दीजिए समय अपनी और अपने सामने वाले की उम्र और अनुभव को भी भूल जाते हैं l कुछ लोग तो झूठी शिकायत करवा कर भी चर्चा में बने रहना चाहते हैं l पिछले दिनों शहरी बेहतर प्रबंधन और विकास विषय पर कार्यशाला कार्यशाला में विधायकों ने अपनी सरकार पर निशाना साधा, एक बात अलग है कि लेकिन इस कार्यशाला से पूर्व अपने निगम को अन्य को आड़े हाथों लिया l कार्यशाला में गुब्बार निकालने इंतजाम कर रहे थे खुदाई शोपीस का मुद्दा तो उसको बुला बुला कर ही कहा जा सकता था, कार्यशाला के बाद क्या क्या दिए बताना अच्छा होता l बुंदेलखंड विकास के नाम पर उपेक्षा का शिकार हो रहा है l
