कृषि विज्ञान केंद्र मे किसान गोष्ठी में उपस्थित किसानों ने सुना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का उद्बोधन
कटनी – जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र कटनी द्वारा केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ ए.के तोमर के मार्ग निर्देशन में शासन के निर्देशानुसार जनकल्याण और सुराज के 20 वर्ष पूर्ण होने पर दिनांक 17 सितंबर 2021से 7 अक्टूबर 2021 तक कृषि विज्ञान केंद्र कटनी द्वारा कटनी जिले के विभिन्न ग्रामों के किसानों हेतु विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ आर के मिश्रा, डॉ ए.के दुबे, डॉ आर.पी बेन, डॉ अर्पिता श्रीवास्तव, डॉ.के पी द्विवेदी, डॉ संदीप चंद्रवंशी द्वारा विभिन्न विषयों पर कृषि तकनीकी फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु तकनीकी जानकारी दी जा रही है।
इसी क्रम में जनकल्याण और सुराज के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आतिथ्य में 23 सितंबर 2021 को दोपहर 3ः00 बजे मिंटो हाल भोपाल से आयोजित कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र कटनी में वेबकास्ट के माध्यम से एल.ई.डी. द्वारा कृषक पुरुष एवं कृषक महिलाओं को दिखाया गया। इसमें मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा बीज ग्रामों का शुभारंभ, कृषक उत्पादक संगठनों का गठन, कृषि अधोसंरचना निधि के अंतर्गत राशि का वितरण एवं मिनी किट का वितरण कार्यक्रम संपन्न किए गए। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषक एवं कृषक महिलाओं को बीज के मिनी किट वितरित किए गए। इसके पूर्व कृषि विज्ञान केंद्र कटनी में किसान गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित कर वैज्ञानिक कृषक संवाद एवं कृषि नवीन तकनीकी की जानकारी किसानों को दीस इस कार्यक्रम में कटनी जिले की महिला एवं पुरुष प्रशिक्षणार्थियों रही।
इस कार्यक्रम में प्रमुख डॉ ए.के तोमर ने किसानों को अपनी दोगुनी आय करने हेतु विभिन्न विषयों पर तकनीकी जानकारी दी एवं पोषण वाटिका के महत्व एवं उसको स्थापित करने की तकनीकी पर विस्तृत सलाह दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ ए.के दुबे ने कृषि में उपयोग होने वाले आधुनिक यंत्रों की उपयोगिता एवं महत्त्व पर जानकारी दी तथा कृषि के उत्पादन में वृद्धि हेतु मशीनीकरण अपनाने की सलाह दी। वैज्ञानिक डॉ आर के मिश्रा ने कृषि के साथ-साथ पशुपालन पर चर्चा करते हुए पशुओं का कृषि में महत्त्व एवं उसके प्रबंधन पर किसानों को विस्तृत जानकारी देते हुए वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) एवं उसके महत्वता पर विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ आर.पी बेन ने वर्तमान फसल के संरक्षण हेतु फसलों में लगने वाले कीट, रोग एवं खरपतवार पर चर्चा करते हुए फसलों को कीट व्याधि एवं खरपतवार से बचाने हेतु उसके उपचार पर तकनीकी जानकारी दी स और फसल उत्पादन की तकनीक जिसमें अनाज वाली फसलें, सब्जी उत्पादन वाली फसलो पर विस्तृत चर्चा करते हुए उसके उत्पादन एवं संरक्षण पर तकनीकी जानकारी दी। केंद्र की वैज्ञानिक डॉ अर्पिता श्रीवास्तव ने फसलों के बीज उपचार करने की विधि एवं फसलों के उन्नत किस्मों की वर्तमान स्थिति हेतु उपयुक्त विभिन्न प्रजातियों के परिचय कराते हुए उनके गुणवत्ता उत्पादकता पर विस्तृत चर्चा की। जिसमें वैज्ञानिक ने ऐसी फसलों की प्रजातियों का चयन करने का सुझाव दिया जो ज्यादा से ज्यादा उत्पादन दे और जिसमें कीट व्याधि का प्रकोप कम से कम हो।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.के पी द्विवेदी ने कृषि में वानकी का महत्व एवं कृषि के साथ-साथ उनकी स्थापित करने की तकनीकी और उसके लगाने की तकनीकी पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को सलाह दी कि कृषि के साथ-साथ उन्नत किस्म के पौधे स्थापित करें। ताकि कृषि के साथ-साथ वानकी से भी आय अर्जित कर अपनी आय को दोगुना किया जा सके। केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ संदीप चंद्रवंशी ने प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान में बोई गई फसलों पर मौसम के प्रभाव और मौसम के अनुसार फसलों को लगाने की सलाह दीस वर्तमान के मौसम से परिचय कराते हुए वैज्ञानिक ने बताया कि ऐसी फसलों का चयन करें ताकि वर्तमान परिवेश के मौसम के हिसाब से अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त हो। इस कार्यक्रम में कटनी जिले के प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लेकर कृषि संबंधित तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

