स्वच्छ भारत मिशन से बदल रही गांवों की तस्वीर
(सीहोर) स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। शहरों की तरह गांवों में भी सडकों और नालियों की साफ-सफाई की जा रही है। गाड़ी के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरे का कलेक्शन किया जा रहा है। सूखा कचरा को अलग-अलग कर सैग्रीगेशन टैंक में निष्पादित किया जा रहा है। इस कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जा रहा है। गांव में स्वच्छता होने से गंदगी से होने वाली बीमारियों से निजात मिलेगी। गांव को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में ग्रामवासी भी सहयोग दे रहे हैं। गांवों में प्रायः हैंण्ड पम्प के पास पानी जमा होते रहता था और बीमारियों को फैलने का मौका मिलता था। लेकिन अब हैण्ड पम्प के पास ही सोखता गढ्ढा बनाया जा रहा है जिससे एक ओर गंदा पानी जमा नहीं होगा, तो दूसरी ओर यह पानी जमीन के अन्दर जाने से भू-जल स्तर भी बढ़ेगा। शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेसटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। सभी गांवों में कचरे के उचित निष्पादन के लिए जिले के अनेक गांवों में सेग्रीगेशन टैंको का निर्माण किया गया है और अन्य गांवों के यह काम तेजी से किया जा रहा है। गांव में स्वच्छता परिसर भी बनाये गये हैं।
नगरों की तरह गांव में भी साइन बोर्ड नजर आने लगे हैं। इस साइन बार्ड में गांव के पंचायत कार्यालय, स्कूल, बाजार, मंडी और गांव से बाहर जाने वाले मार्गों की जानकारी इन साईन बोर्ड में देखी जा सकती है। यह साइन बोर्ड से आगंतुकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रहे हैं। गांवों को एक आर्दश गांव बनाने में ग्रामवासियों की सक्रिय भूमिका हो इसके लिए हर गांव में स्वच्छता संवाद का आयोजन किया जा रहा है। नागरिकों को स्वच्छता बनाये रखने का संकल्प दिलाया जा रहा है।
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