ब्रेकिंग न्यूज़ : “न चोर हूँ, न चौकीदार हूं , साहब मैं तो बेरोजगार हूं”, बेरोजगारों ने लगाए एसीसी मुर्दाबाद के नारे

एक बार फिर भाजपा युवा मोर्चा मंडल ने धरना प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

(अमेठा ) भाजपा युवा मोर्चा मंडल के द्वारा कई बार धरना प्रदर्शन  का कार्यक्रम किया गया है। एक बार फिर भाजपा युवा मोर्चा के द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर एसीसी प्रोजेक्ट अमेहटा में विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इस धरना प्रदर्शन में कांटी मंडल अध्यक्ष जयवंत सिंह चौहान, गुड्डू सिंह बघेल, वरिष्ठ भाजपा नेता सुदामा प्रसाद गर्ग, पीडी अवस्थी, सीएल पांडे , युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवम पांडे, भवानी मिश्रा, मोहित रजक, अंशुल सिंह एवं आसपास के गांवों से युवा बेरोजगार शामिल हुए। इस कार्यक्रम मे प्रमुख रुप से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रिया चंद्रावत, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शिखा सोनी, थाना प्रभारी कैमोर अरविंद जैन की उपस्थिति में एसीसी एच आर हेड एच पी सिंह को ज्ञापन सौपा गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं पर नही होता अमल

प्रदेश में बेरोजगारी एक प्रमुख समस्या है। इस ज्वलंत समस्या के समाधान के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यह घोषणा की गई है की किसी भी उद्योग में 75% स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा। यह घोषणा एसीसी प्रोजेक्ट अमेहटा के उद्घाटन के अवसर पर भी उनके द्वारा मंच के माध्यम से विजयराघवगढ़ की जागरूक जनता एवं शिक्षित बेरोजगारों के सामने की गई थी। उनकी इस घोषणा को सुनकर क्षेत्रीय बेरोजगारों के चेहरे पर खुशी झलक उठी थी और सभी को यह भरोसा हो गया था की मामाजी जो घोषणा कर रहे हैं उसका लाभ उनके भांजे को अवश्य मिलेगा लेकिन उद्घाटन के पश्चात समय बीत गया और आज भी भांजे अपने मामा के उस आश्वासन की तरफ आशा भरी नजरों से निहार रहे हैं कि शायद अब हमारे मामा जी को हम पर दया आ जाए। कुछ लोग तो यह भी कह देते हैं की मामा जब मंच पर आते हैं तो उनको भांजो की याद आती है और जैसे ही मंच से नीचे उतरते हैं तो पूरी तरह से राजनीतिक हो जाते हैं और अपनी बहनों एवं भान्जो के दुख दर्द को बिल्कुल याद नहीं रखते।

क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने भी एसीसी को दी थी चेतावनी

क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने भी क्षेत्रीय बेरोजगारों के पक्ष में हुंकार भरते हुए कहा था की जिस पद के लायक स्थानीय कैंडिडेट नहीं होंगे उसी पद के लिए बाहर से कैंडिडेट की नियुक्ति की जाएगी शेष सभी नियुक्तियां क्षेत्रीय बेरोजगारों से ही की जाएंगी। इन सब घोषणाओं के बावजूद परिस्थितियां कुछ और हैं। प्रोजेक्ट को चालू हुए कई महीने बीत चुके हैं। लगभग 2000 से ज्यादा बाहरी श्रमिक आकर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं और स्थानीय बेरोजगारों को नाम मात्र का रोजगार मिल रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है की क्षेत्रीय विधायक श्री पाठक जी को उनके जनप्रतिनिधियों के द्वारा भ्रमित किया जाता है और उन्हें क्षेत्रीय बेरोजगारों की समस्याओं की वास्तविकता से दूर रखते हुए उन्हें गलत जानकारी प्रदान की जाती है। यही वजह है कि उनके द्वारा इस संबंध में स्पष्ट रूप से कोई भी रूपरेखा बेरोजगारों की सहायता के लिए घोषित नहीं की गई है। श्री पाठक जी ने कह दिया यानी काम हो गया यदि उन्होंने क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार का आश्वासन दिया है तो निश्चित तौर पर क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। अब देखना यह है कि उनके जनप्रतिनिधि उनको क्षेत्र की बेरोजगारों की समस्याओं के संबंध में कितनी सही सही जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

 

एसीसी कंपनी के खिलाफ ही क्यों होता है बार – बार धरना प्रदर्शन

वैसे तो विजयराघवगढ़़ विधानसभा क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर प्रसिद्ध है। यहां पर एसीसी के अलावा एवरेस्ट कम्पनी , कई चूना भट्ठा, लाइमस्टोन माइन्स एवं स्टोन क्रशर उपलब्ध है। यहां पर रोजगार के लिए असीम संभावनाएं है इसके वावजूद भी हमेशा एसीसी के खिलाफ ही धरना प्रदर्शन विभिन्न लोगों के द्वारा क्यों किए जाते हैं। यह एक सोचनीय विषय है। क्या संपूर्ण क्षेत्र की बेरोजगारी के लिए केवल और केवल एसीसी ही जिम्मेदार है।

यदि ऐसा है तो एसीसी को बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ एक स्पष्ट नीति शासन प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार किया जाना चाहिए और जो बेरोजगार मापदंडों के अनुरूप आते हैं, वरीयता क्रम में उनको बिना किसी भेदभाव के रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए इससे एसीसी के खिलाफ जो बार-बार धरना प्रदर्शन होते हैं उस पर रोक लग सकती है और क्षेत्रीय बेरोजगारों के मन में जो तरह-तरह की भ्रांतियां हैं उन पर भी विराम लग सकता है। और यदि क्षेत्र की बेरोजगारी के लिए एसीसी पूर्णत: जिम्मेदार नहीं है तो फिर एसीसी मौन क्यों है ? अपना पक्ष उसके द्वारा क्यों नहीं रखा जाता? कहीं ऐसा तो नहीं की पर्दे के पीछे की वास्तविकता कुछ और हो। कुछ लोगों का यहां तक कहना है जनप्रतिनिधियों एवं शासन प्रशासन के द्वारा एसीसी को मौन धारण कर अपनी मनमर्जी करने की खुली छूट दे दी गई है। वास्तविकता क्या है यह समझ से परे है !

 

क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ही कर सकते हैं इस समस्या का समाधान

क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ही क्षेत्रीय बेरोजगारों की एकमात्र उम्मीद है। पूरे क्षेत्रवासी उनकी ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। विधायक श्री पाठक जी ने क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है और अब क्षेत्र की यदि कोई विकराल ज्वलंत समस्या है तो वह है बेरोजगारी की। यदि इस समस्या की ओर क्षेत्रीय विधायक श्री पाठक जी ने एक बार संज्ञान ले लिया तो यह बात तो तय है कि इस समस्या का समाधान संभव है। अब क्षेत्रीय बेरोजगारों को चाहिए की जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों का सहारा न लेते हुए स्वयं संजू भैया से मिले, अपनी पीड़ा उनको सुनाएं, निश्चित तौर पर वास्तविकता की जानकारी मिलने पर वे इस समस्या का समाधान अवश्य करेंगे। उनके द्वारा मांग करने पर एसीसी बेरोजगारों के लिए एक स्पष्ट नीति भी बना सकती है क्योंकि माननीय विधायक जी के द्वारा रखे गए प्रस्तावों को एसीसी ने आज तक नकारा नहीं है हमेशा उन्होंने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए क्षेत्र विकास में सहयोग किया है। क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगारों ने एक बार फिर क्षेत्रीय विधायक श्री पाठक जी से अपील की हैं कि वह सामने आए और क्षेत्र की बेरोजगारी की समस्या के लिए एसीसी से खुले मंच के माध्यम से बात करें तभी क्षेत्र की बेरोजगारी की समस्या का समाधान निकल सकता है और जो बार-बार एसीसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन होते हैं उस पर रोक लग सकती है।

रिपोर्ट : आरिफ खान, तहसील रिपोर्टर आरपीकेपी इंडिया न्यूज़

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें