भारत की अर्थव्यवस्था चौपट करने के लिए बांग्लादेश में जाली नोट बनाने का दिया जा रहा प्रशिक्षण
(नई दिल्ली) भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए पाकिस्तान पहले ही नकली नोटों को भारत भेजता रहा है। खुफिया एजेंसी आईएसआई बांग्लादेश में अपने एजेंट के माध्यम से नकली नोट छापने का प्रशिक्षण तस्करों को दे रहा है। पत्रकार और लेखक ने शहरयार कबीर सहित कई बुद्धजीवियों ने दावा किया है कि पाकिस्तान और आईएसआई भारतीय नकली नोटों से सीधे जुड़े हुए हैं। इस मामले में जुड़े लोगों के बार बार पकड़े जाने के बाद भी उन्हें जमानत पर रिहा करना भी चिंता का विषय है।
बांग्लादेश के खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान, दुबई, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल और श्रीलंका से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की निगरानी में जाली नोट हवाई मार्ग से ढाका आ रहे हैं। यहां से सीमा पार कर इसे गैरकानूनी तरीके से भारत भेजा जा रहा है। नकली नोट निर्माता इसे आईएसआई के प्रशिक्षण के साथ बांग्लादेश में बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बांग्लादेश दलाल उन्मूलन समिति के अध्यक्ष, लेखक और पत्रकार शहरयार कबीर के अनुसार पाकिस्तान और आईएसआई भारतीय नकली नोटों से सीधे जुड़े हुए हैं। 2015 में भी, बांग्लादेश में पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी को आतंकवादी वित्तपोषण और नकली भारतीय रुपये के लेनदेन में शामिल होने के कारण देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।
इस संबंध में ढाका मेट्रोपॉलिटन डिटेक्टिव पुलिस (डीबी) के उपायुक्त (डीसी) मशिउर रहमान ने कहा कि नकली रुपये के कारोबारियों को बांग्लादेश ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें गिरफ्तार करने के लिए हर तरह की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, प्रशासन बांग्लादेश की भूमि का उपयोग किसी और देश के खिलाफ करने के लिए हमेशा सतर्क रहता है ताकि कोई भी पड़ोसी देश को कोई नुकसान न पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के व्यापारियों द्वारा बनाया गया नकली रुपया निम्न गुणवत्ता का है और रंग उड़ने उगता है जब इसे पानी से रगड़ा जाता है और यह बिना किसी आधुनिक मशीन के थोड़े बेहतर गुणवत्ता वाले रंगीन प्रिंटर पर मुद्रित होता है। इसलिए असली नकली की पहचान बांग्लादेश में छपे नकली नोटों और भारतीय रुपये की थोड़ी बेहतर जांच से ही हो सकती है। हालांकि, यह चिंता का विषय है कि एक ही गिरोह को बार-बार गिरफ्तार किया गया है और जमानत पर रिहा किया गया है और फिर वे बांग्लादेश में नकली भारतीय रुपये बनाने में शामिल रहे हैं। बेनापोल भूमि बंदरगाह पर शरशा उजेला रिपोर्टर्स क्लब के महासचिव व इंडिपेंडेंट टीवी चैनल के प्रतिनिधि अब्दुर रहीम ने आरोप लगाया कि सीमा क्षेत्र में नकली भारतीय रुपये का कारोबार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कई मामलों में गिरफ्तारियां की गईं लेकिन सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं की सिफारिश पर प्रशासन छोड़ने के लिए मजबूर हुआ है।
