विदेशमंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोलंबिया की उपराष्ट्रपति से की चर्चा, स्वास्थ्य व अंतरिक्ष में सहयोग पर बनी सहमति
(नई दिल्ली) विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोलंबिया की उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री मार्ता लूसिया रामिरेज़ से यहां द्विपक्षीय चर्चा की। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों को कवर करते हुए व्यापक बातचीत की। बैठक के दौरान आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। रामिरेज़ 1-3 अक्टूबर के बीच भारत आए 48 सदस्यीय स्वास्थ्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। उनके साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. लुइज़ फर्नांडो रुइज़, सरकारी अधिकारी, व्यवसाय एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी हैं। विदेश मंत्री ने इससे पहले 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के 76वें अधिवेशन के दौरान रामिरेज़ से मुलाकात की थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर ने चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुधारों के संबंध में भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। दोनों नेता बहुपक्षीय मंचों में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने हाल के समय में उच्च स्तरीय मुलाकातों में आई गति का स्वागत किया और पारस्परिक लाभ के लिए चिन्हित क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर सहमती जताई। दोनों पक्ष ऊर्जा, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए दो आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए। इन पर जैव प्रौद्योगिकी विभाग और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अपने कोलंबियाई समकक्षों के साथ हस्ताक्षर किए।
उल्लेखनीय है कि भारत और कोलंबिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि हुई है। कोविड -19 महामारी के कारण हुए व्यवधानों के बावजूद व्यापार 2020-21 में 2.27 बिलियन अमरीकी डॉलर था। रामिरेज़ के आगमन से पहले, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. लुइज़ फर्नांडो रुइज़ के नेतृत्व में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने 27-30 सितंबर तक पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु की यात्रा की थी। उन्होंने टीकों और फार्मास्युटिकल उत्पादों के विकास में सह-उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की खोज के उद्देश्य से इन शहरों में उत्कृष्टता केंद्रों और दवा कंपनियों का दौरा किया। उन्होंने इसरो सुविधाओं का भी दौरा किया और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) और मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
