अमानक उर्वरकों का विक्रय करने वालों के विरुद्ध लाइसेंस निरस्त एवं एफआईआर की कार्रवाई करें
(होशंगाबाद) कृषि विकास से जुड़ी समस्त योजनाओं का मैदानी स्तर तक पात्र किसानों को लाभ मिले। कृषि से जुड़े विभाग आपसी समन्वय से योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें। योजनाओं का लाभ एवं कृषि आदानो के वितरण में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। यह निर्देश कमिश्नर नर्मदापुरम श्री मालसिंह ने कृषि एवं अन्य संबद्ध विभागों के संभागीय एवं जिला अधिकारियों को दिए हैं।कमिश्नर ने बुधवार को कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि , उद्यानिकी, पशुपालन, खाद्य, मत्स्य पालन ,खनिज एवं परिवहन विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिए।
कमिश्नर ने संयुक्त संचालक कृषि एवं तीनों जिले के उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि तीनों जिले में निजी विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों पर उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। किसानों को उर्वरकों का सुचारू रूप से वितरण जारी रहे। निर्धारित दाम से अधिक कीमत पर बेचने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराएं। अमानक उर्वरकों, बीज एवं कीटनाशक के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा कर कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिए कि अमानक उर्वरक , बीज एवं कीटनाशक का विक्रय करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निलंबन एवं एफ आई आर की कार्रवाई की जाए। अमानक आदानों के खिलाफ कार्रवाई में संतोषजनक प्रगति न होने पर कमिश्नर ने उप संचालक कृषि बैतूल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने उर्वरक , बीज एवं कीटनाशक की दुकानों की सघन जांच करने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि ई कृषि यंत्र अनुदान एवं कस्टम हायरिंग सुविधा का दूरस्थ क्षेत्रों तक के किसानों को लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करें।
उद्यानिकी विभाग अंतर्गत संचालित राज्य पोषित योजनाओं, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन , नेशनल मिशन ऑन सस्टेनेबल एग्रीकल्चर आदि योजनाओं की कमिश्नर ने समीक्षा कर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के निर्देशित किया कि उद्यानिकी से जुड़े किसानो को तीनो जिले में मृदा की संरचना के अनुरूप फसल लेने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण जाए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर तक इन योजनाओं का क्रियान्वयन दिखाई देने चाहिए ,वे स्वयं मौका निरीक्षण कर इन योजनाओं की जमीनी हकीकत जानेंगे।
