क्यों टैक्सी ड्राइवर की नौकरी करने पर मजबूर हुए थे व्लादिमीर पुतिन?

Advertisement

(मॉस्को) 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस के मौजूदा राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें घर-परिवार के गुजारे के लिए टैक्सी चलानी पड़ी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक डाक्यूमेंट्री फिल्म में दिखाया गया कि सोवियत संघ के विघटन के बाद किस तरह देश की आर्थिक हालत काफी खराब हो गई थी और लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। डाक्यूमेंट्री में पुतिन ने कहा कि यह सोवियत संघ का नहीं, रूस का ऐतिहासिक पतन था। पश्चिमी देशों में तब यह माना जा रहा था कि रूस के और टुकड़े हो जाएंगे। पुतिन ने बताया कि उन्हें कभी-कभी अतिरिक्त पैसा कमाना पड़ता था। ईमानदार होने के बारे में बात करना अप्रिय है लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा ही था। 1991 में सोवियत संघ टूट कर 15 देशों में बदल गया था। पुतिन ने बताया कि ढाई करोड़ रूसी लोग नए आजाद हुए देशों में चले गए और रूस से एकदम कट गए, जो बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी थी। एक टीवी चैनल पर दिखाई गई इस डॉक्युमेंट्री फिल्म ‘रशिया, न्यू हिस्ट्री’ में व्लादिमीर पुतिन ने ये बातें कही हैं।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें