इंटेक मध्यप्रदेश चेप्टर के तीन सदस्यीय दल ने किया बिलहरी क्षेत्र में एैतिहासिक इमारतों का सर्वेक्षण

क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा कर ली बिलहरी के इतिहास के संबंध में जानकारी

(कटनी)  कटनी जिले में अपने पुरा वैभव से समृद्ध एतिहासिक नगरी बिलहरी में यहाँ की विरासत के उन्नयन एवं बिलहरी में पर्यटन और इसके मध्यम से स्थानीय जनो के लिये रोजगार के अवसर सृजित किए जाने की संभावनाओं का अध्ययन करने के उद्धेश्य से इंटेक मध्यप्रदेश चेप्टर के संयोजक मदन मोहन उपाध्याय के निर्देशन पर इंटेक भोपाल से आए तीन सदस्यीय दल का चार दिवसीय प्रवास हुआ। यह दल 14 से 18 दिसम्बर तक बिलहरी बिलहरी क्षेत्र में भ्रमण कर वहां पुरातन व एैतिहासिक धरोहरों में से लगभग 35 से अधिक इमारतों का सर्वेक्षण किया। साथ ही स्थानीय जनों, युवकों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं से से सम्पर्क कर उनमे अपनी विरासत के संरक्षण के प्रति जागरुकता उत्पन्न करने का प्रयास किया गया।

            दल के द्वारा स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे पत्थर की मूर्ति, मिट्टी के घड़े, बाँस के सूपा-टोकनी आदि निर्माण करने वाले परम्परागत कारीगरों से मिलकर उनकी हस्तकला तथा इसमे होने वाले लाभ हानि की जानकारी भी प्राप्त की गई। इस तीन सदस्यीय दल में आस्तिक भारद्वाज (संरक्षण वास्तुकार), प्रशंसा नामदेव एवं तूलिका (वास्तुकार) शामिल रहे। जिनका मार्गदर्शन एवं सहयोग इंटेक के मोहन नागवानी, राजेन्द्र सिंह, के.एल. कनकने एवं  सुशील शर्मा द्वारा किया गया।

            अध्ययन दल के साथ इंटेक की सदस्या एवं पुरातत्व की छात्रा तमन्ना मिश्रा और स्थानीय स्तर पर बिलहरी के युवा अनुज चौरसिया द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

            स्थानीय निवासियों ने अध्ययन दल के सदस्यों को बतलाया कि अतीत के वैभव काल में जन सामान्य की बसाहट के संबंध में चर्चा के दौरान जानकारी दी। दल को बिलहरी के इतिहास को लेकर यहाँ प्रचलित दंत कथाओं के स्वर भी सुनने को मिले। जिनमें राजा कर्ण देव द्वारा प्रतिदिन देवी को प्रसन्न कर उनसे प्राप्त सवा मन सोना दान करने तथा उज्जयनी के राजा विक्रमादित्य का अमृत की तलाश में बिलहरी आने और यहाँ से अमृत ले जाने की रोचक कथायें लोगों द्वारा बताई गईँ। अशोक चौरसिया एवं कैलाश चौरसिया द्वारा भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। बिलहरी के इतिहास एवं यहाँ की विरासत को लेकर स्थानीय निवासियों में तथ्य पूर्ण वास्तविक जानकारी को लेकर इंटेक कटनी चेप्टर द्वारा शीघ्र बिलहरी पर एक लघु पुस्तिका के प्रकाशन का कार्य किया जाना प्रस्तावित है।

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