यूक्रेन संकट पर संयुक्त राष्ट्र ने कहा, मिन्स्क समझौते पर हो अमल

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(म्यूनिख) यूक्रेन पर रूस के हमले की संभावनाओं के बीच संयुक्त राष्ट्र संघ भी सक्रिय हो गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2015 में हुए मिन्स्क समझौते पर अमल करके समस्या के शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह किया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की राजनीतिक व शांति निर्माण मामलों की अवर महासचिव रोजमैरी डीकार्लो ने जर्मनी के म्यूनिख शहर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए यूक्रेन व आसपास बेहद खतरनाक हालात होने की बात कही। उन्होंने ध्यान दिलाया कि यूक्रेन और उसके आस-पास पिछले आठ वर्षों में सर्वाधिक तनाव की स्थितियां व्याप्त हैं। सैन्य टकराव पर कयासबाजी व आरोप-प्रत्यारोप में भी तेजी आयी है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ घंटों में कई बार युद्ध विराम उल्लंघन की बात सामने आई है। ऐसे में हालात को और बिगड़ने से रोका जाना जरूरी हो गया है। सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि कूटनीति का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने वर्ष 2015 में यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन, रूस, यूक्रेन और रूस समर्थक अलगाववादी नेताओं के बीच हुए मिन्स्क समझौते को ही समस्या के समाधान का रास्ता करार दिया।

उन्होंने हाल के दिनों में राष्ट्राध्यक्षों के बीच कूटनैतिक सम्पर्क स्थापित करने के साथ कूटनैतिक प्रयास जारी रखने और सुरक्षा बलों की फिर से तैनाती पर केन्द्रित वक्तव्यों का स्वागत किया। फिर भी उन्होंने जमीनी स्तर पर अधिक कदम उठाने और भड़काऊ बयानबाजी पर रोक लगाए जाने की जरूरत पर बल दिया।

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