जनपद अध्यक्ष कन्हैया तिवारी ने गेहूं एवं धान खरीदी समितियों पर लगाया 6 करोड़ रुपए घोटाले का आरोप
जिला सीईओ जगदीश चंद्र गोमें के द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में जिला सीईओ की अनुपस्थिति रही चर्चा का विषय
(कटनी) जिला पंचायत सीईओ जगदीश चंद्र गोमें ने गेहूँ और धान खरीदी की समीक्षा बैठक आहूत की थी, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि वे पीछली दो बैठकों की तरह इस बैठक से भी नदारत रहे। बात खास ये कि अपने मातहत अधिनस्थों के जरिए जिला पंचायत चलाने वाले जिला पंचायत सीईओ इस बात को बेहतर जानते हैं, कि बैठक में सहकारी समितियों के घोटालों पर तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा यही वजह है कि वे इन दिनों इस तरह की बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष कन्हैया तिवारी के मुताबिक सीईओ गोमे के इस रवैये से जन प्रतिनिधियों का अपमान हुआ है। जाहिर तौर पर जन प्रतिनिधियों को आमंत्रण जिला पंचायत सीईओ के पत्र पर जारी होता है, ऐसे में पिछली तीन बैठकों में सीईओ का अनुपस्थित रहना स्वस्थ्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नही कही जाएगी। कन्हैया तिवारी ने असिस्टैंट रजिस्टार सहकारी समिति से सवाल उठाया कि समितियों ने 6 करोड़ 83 लाख 21 हजार 756 रूपए का घोटाला किया है, जिसमें अभी तक किसी तरह की मुकम्मल कर्यवाही नही की गई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें कानून की बारीकियों से बचाया भी गया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेटर्स पर कार्यवाही की गई है जबकि इस घोटाले में मुख्य रूप से समिति प्रबंधक और खरीदी प्रभारी जिम्मेदार होते हैं। जिन पर किसी तरह की ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। इसके अलावा जनपद पंचायत अध्यक्ष कन्हैया तिवारी ने डिस्ट्रिक रजिस्टार को आरे हाथों लेते हुए गोदमों में रखे खाद के जखीरे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सूचना देने के बाद भी गोदमों पर छापमार कार्यवाही क्यों नही हो रही है। जिस पर डिस्ट्रिक रजिस्टार ने स्टाफ़ की कमी का हवाला देते हुए ममले से पल्ला झाड़ लिया। 
बैठक आहुत करने वाले सीईओ जिला पंचायत जगदीश चंद्र गोमे के लगातार बैठक से नदरत रहने पर भी सवाल उठाए गए, लेकिन इस बात को मिटिंग की प्रोसिडिंग में नोट नही किया गया। जिससे नाराज जनपद पंचायत अध्यक्ष ने कर्मचारियों पर नाराजगी जहिर करते हुए कह कि आप लोगों के इस तरह की कार्यावाही के चलते मौजूदा सरकार को बदनामी झेलनी पड़ रही है और सरकार की स्वच्छ छवि पर सवाल उठने लेगे हैं। कुल मिला कर काफ़ी हंगामें के बद आखिरकार बेनतीजा बैठक संपन्न हो गई । 
