अंबूजा सीमेंट और एसीसी को खरीदने का मौका मिलने पर गौतम अडानी ने खुद को कहा भाग्यशाली

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(नई दिल्ली) एसीसी और अंबूजा सीमेंट्स को खरीद कर अडानी ग्रुप देश में सीमेंट उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर आ गया है। अडानी ग्रुप ने स्विट्जरलैंड के होल्सिम ग्रुप से इन दोनों सीमेंट कंपनियों को खरीदा है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह सौदा 10.5 अरब डॉलर यानी करीब 82,000 करोड़ रुपये में हुआ है।

देश के सबसे बड़े कमर्शियल पोर्ट और सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी को संचालित करने वाले गौतम अडानी ने कहा कि देश में डिमांड-सप्लाई गैप को पूरा करने के लिए उनके ग्रुप ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि भारत सीमेंट का आयात नहीं करता है, इसलिए इसमें आत्मनिर्भर होना होगा। उनकी योजना अगले पांच वर्ष में अंबूजा और एसीसी सीमेंट की उत्पादन क्षमता दोगुना करने की है। अभी इन दोनों कंपनियों की वार्षिक क्षमता 70 मिलियन टन है जिसे पांच साल बाद 140 मिलियन टन करने की योजना है।

कम्पटीटिव बिजनेस मॉडल जिसकी दूसरी मिशाल नहीं होगी। 

अडानी ने कहा है कि आगामी कई दशकों तक भारत में सीमेंट की भारी मांग बने रहने की उम्मीद है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट बाजार है लेकिन देश में प्रति व्यक्ति सीमेंट की खपत दुनिया के मुकाबले आधे से भी कम है। हम इस स्थिति को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा की “हमने पिछले साल सीमेंट बिजनेस में कदम रखा था। इस अधिग्रहण का मकसद डिमांड सप्लाई गैप को दूर करना है। साथ ही यह हमारे मौजूदा बिजनेस से मेल खाता है। हमारा मानना है कि हम एक ऐसा अलग तरह का बिजनेस मॉडल बनाने की स्थिति में हैं जो कम्पटीटिव होगा और जिसकी दूसरी मिशाल नहीं होगी।”

भारत में सीमेंट की मांग के बारे में अडानी ने कहा कि देश में सीमेंट की खपत 240 किलो प्रति व्यक्ति है जबकि वैश्विक औसत 525 किलो प्रति व्यक्ति है। देश का मध्य वर्ग लगातार बढ़ रहा है। चीन में प्रति व्यक्ति सीमेंट की खपत 1600 किलो है। मध्य वर्ग के बढ़ने से देश में सीमेंट की मांग में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही सरकार भी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दे रही है। सरकार की 100 स्मार्ट सिटी, 200 नए एयरपोर्ट, सबके लिए आवास और कंक्रीट के हाईवेज बनाने की योजना है। ऐसे में देश में सीमेंट की मांग बढ़ना लाजमी है।

 कैसे होगी फंडिंग

गौतम अडानी ने कहा कि बुनियादी रूप से सीमेंट सप्लाई चेन और एनर्जी एफिशियंसी का गेम है और हमारे बिजनेस के अनुरूप है। हमारे बिजनेस में सीमेंट की बहुत जरूरत है। हम खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि हमें अंबूजा सीमेंट्स और एसीसी को खरीदने का मौका मिला। ये दोनों देश को भरोसेमंद और जाने-माने ब्रांड हैं। अडानी ने कहा कि इस अधिग्रहण के लिए विदेश में एक कंपनी बनाई गई है। इस डील के लिए बार्कलेज, डायचे बैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने फंड देने का वादा किया है। साथ ही अडानी ग्रुप से भी इससें निवेश किया जाएगा।

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