आरपीकेपी इंडिया न्यूज़ : पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की महत्वपूर्ण खबरें

निर्वाचन प्रेक्षक ने बहोरीबंद विकासखण्ड क्षेत्र के मतदान केन्द्रों का किया निरीक्षण

(कटनी)- त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के दृष्टिगत राज्य निर्वाचन आयोग मध्यप्रदेश द्वारा कटनी जिले के लिये राज्य प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी शैलेन्द्र खरे को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। प्रेक्षक श्री खरे ने बुधवार को बहोरीबंद विकासखण्ड के मतदान केन्द्र क्रमांक 198 माध्यमिक शाला संसारपुर व केन्द्र क्रमांक 199 प्राथमिक शाला संसारपुर तथा मतदान केन्द्र क्रमांक 225 का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

            अपने निरीक्षण के दौरान श्री खरे ने जनपद बहोरीबंद के विधिमान्य रुप से नाम निर्देशित वार्ड क्रमांक 15 के अभिकर्ताओं की सूची का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत में चल रहे मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण में भी सहभागिता की। प्रेक्षक श्री खरे ने बहोरीबंद महाविद्यालय में बनाये गये स्ट्रांग रुम, मतदान सामग्री वितरण एवं वापसी स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही रीठी विकासखण्ड के निरीक्षण के दौरान प्रेक्षक ने निर्वाचन की तैयारियों की जानकारी ली। वहीं स्थानीय मतदान केन्द्रों का निरीक्षण भी किया। साथ ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की समीक्षा की। निरीक्षण दौरान एसडीएम बहोरीबंद संघमित्रा गौतम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सेक्टर अधिकारियों का निर्वाचन प्रशिक्षण 10 जून को

(कटनी)- त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन एवं नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2022 का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन के लिये नियुक्त किये गये सेक्टर ऑफीसर्स का प्रशिक्षण 10 जून को आयोजित किया जायेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी साधना परस्ते ने बताया कि बड़वारा, बहोरीबंद व ढीमरखेड़ा क्षेत्र के सेक्टर ऑफीसर्स का प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक और विकासखण्ड कटनी, रीठी व विजयराघवगढ़ के सेक्टर अधिकारियों का प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में ही दोपहर 2 बजे से आयोजित किया जायेगा।

मतदान दल के प्रशिक्षण से गायब रहे कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

(कटनी)- राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार त्रि स्तरीय पंचायत निर्वाचन व नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया जिले में जारी है। पंचायत निर्वाचन में संलग्न किए गए अधिकारी, कर्मचारियों को निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी साधना परस्ते ने बताया कि मतदान दलों के प्रशिक्षण के दौरान 7 जून व 8 जून को विकासखंड बड़वारा, बहोरीबंद, रीठी, ढीमरखेड़ा, कटनी, विजयराघवगढ़ में 103 कर्मचारी प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अनुपस्थित रहे कर्मचारियों के खिलाफ कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी, कर्मचारियों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

10 जून को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार ले सकेंगे नाम वापस

(कटनी)- राज्य निर्वाचन आयोग के त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन संबंधी जारी कार्यक्रम के अनुसार पंच, सरपंच, जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिये भरे गये नाम निर्देशन पत्र शुक्रवार 10 जून को दोपहर 3 बजे तक वापस लिये जा सकेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवारी से नाम वापिसी की समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा अंतिम सूची तैयार की जायेगी तथा चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जायेगा।

आदर्श मतदान केन्द्र बनाये जाने के संबंध में निर्देश जारी

(कटनी)- राज्य निर्वाचन आयोग मध्यप्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के तहत जिले में कम से कम पॉंच मतदान केन्द्रों को आदर्श मतदान केन्द्र के रूप में तैयार किया जाना है। इन मतदान केन्द्रों में मतदान दिवस पर जरूरी व्यवस्थाएँ कर आदर्श मतदान केन्द्र बनाया जा सकता है। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी साधना परस्ते ने जिले के समस्त रिटर्निंग, सहायक निटर्निंग अधिकारी और नोडल अधिकारी मतदान केन्द्र को जारी निर्देशों के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं।

            जारी निर्देशों के तहत कहा गया है कि मतदान केन्द्र भवन के भू-तल पर बनायें। प्रवेश द्वार को तोरण द्वार, रंगोली, गुब्बारों एवं फूलों आदि से सजायें। मतदाताओं के लिए छायादार प्रतीक्षा कक्ष, बैठने के लिए कुर्सियाँ/स्वच्छ दरी आदि की व्यवस्था करें। पेयजल, शौचालय की व्यवस्था और सुगम पहुँच मार्ग बनायें। महिला एवं पुरूषों के लिए पृथक-पृथक लाइन बनाने के साथ ही वरिष्ठ, वृद्ध, बीमार एवं दिव्यांग मतदाताओं को मतदान में प्रथामिकता दिलाये। प्रवेश एवं निर्गम द्वार पृथक-पृथक बनायें। रैम्प और व्हील चेयर और फसर््ट एड बॉक्स की व्यवस्था करें। मतदान केन्द्र के पास सुविधा केन्द्र की स्थापना और आदर्श मतदान केन्द्र के प्रत्येक मतदाता को 100 प्रतिशत मतदाता पर्ची का वितरण करें।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान दलों को बताए निर्वाचन संबंधी दायित्व

(कटनी)- राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन 2022 के कार्यक्रम की घोषणा की है। तीन चरणों में होने वाले निर्वाचन को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर मतदान दलों को जिले के प्रत्येक विकासखंड में निर्धारित दो-दो केन्द्रों में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

            बुधवार को डायमंड स्कूल माधवनगर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मतदान दलों को मास्टर ट्रेनर्स के साथ ही उप जिला निर्वाचन अधिकारी साधना परस्ते ने भी निर्वाचन संबंधी जानकारी दी। साथ ही शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आयोग के निर्देशानुसार कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम प्रिया चंद्रावत, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी व मतदान दल में शामिल अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

मतदाता जागरूकता अभियान को लेकर अधिकारियों को सौंपे गए दायित्व

(कटनी) राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2022 का कार्यक्रम घोषित किया गया है। कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। पंचायत निर्वाचन में अधिक से अधिक मतदाता अपने मत का प्रयोग करें, इसको लेकर जिले में मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

            कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर गठित सेंस की टीम को अलग-अलग दायित्व सौंपकर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है।

            जिला पंचायत सीईओ एवं सेंस नोडल अधिकारी जगदीश चंद्र गोमे ने बताया कि 28 मई से सेंस की गतिविधियां जिले में आयोजित की जा रही हैं और निर्धारित सेंस प्लान के अनुसार बुधवार को जिले की सभी जनपद पंचायतों में ग्रामीण हस्ताक्षर अभियान की कार्ययोजना सभी जनपद सीईओ की उपस्थिति में तैयार की गई। उन्होंने बताया कि जिला खाद्य अधिकारी को मतदाता जागरूकता के लिए प्रत्येक गैस सिलेंडर में मतदाता जागरूकता संबंधी स्टीकर चिपकाने, जिला महिला सशक्तिकरण एवं जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान को मतदाता सूची में अन्य लिंग के सदस्यों का चिन्हाकन कर मतदान के लिए जागरूक करने, सभी एसडीएम व विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को प्रत्येक विकासखंड क्षेत्र में सेंस कमेटी गठित करने और सेंस गतिविधियों के साप्ताहिक कार्रवाई विवरण जारी करने, सभी विभाग प्रमुख को शासकीय कार्यालय में वोटर्स अवेयरनेस फोरम गठित करने व मतदाताओं को जागरूक करने कार्ययोजना तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है।

            इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग, जन अभियान परिषद व सीएमएचओ को चेतना दीदी दल का गठन व दल के माध्यम से महिला मतदान प्रतिशत बढ़ाने कार्ययोजना तैयार करने, महाप्रबंधक व्यापार एवं उद्योग और खनिज विभाग को औद्योगिक संस्थाओं में संपर्क कर मतदाता जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार करने, सभी एसडीएम रिटर्निंग अधिकारियों को विकासखंड क्षेत्र में संचालित केन्द्र सरकार, पीएसयू में वोटर अवेयरनेस फोरम व मतदाता जागरूक करने गतिविधियों का आयोजन करने, जिला परियोजना समन्वयक व बीएलओ को पिछले पंचायत चुनाव में 70 प्रतिशत से कम वाले मतदान केन्द्रों का चिन्हांकन करने और मतदाता जागरूकता के लिए जिला स्तर के अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाने, महिला एवं बाल विकास विभाग व महिला सशक्तिकरण अधिकारी को पिछले पंचायत चुनाव में 70 प्रतिशत से कम महिला वोटिंग वाले मतदान केन्द्रों का चिन्हांकन कर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

            जिला शिक्षा अधिकारी व विकासखंड शिक्षा अधिकारी को शासकीय हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूलों द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित करने, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को प्रत्येक मतदान केन्द्र में चित्रकला के माध्यम से आश्वासन की दीवार तैयार करने और बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित करने, एलडीएम व प्राचार्य तिलक महाविद्यालय को सभी महाविद्यालयों में जागरूकता के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित करने और प्राचार्य तिलक कॉलेज व प्राचार्य महिला महाविद्यालय को प्रत्येक महाविद्यालय में 2 मिनट की वीडियोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित कर जागरूकता अभियान चलाने का दायित्व सौंपा गया है।

निर्वाचन प्रेक्षक ने संवेदनशील मतदान केन्द्रों की ली जानकारी

(कटनी)- राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रि-स्तरीय निर्वाचन 2022 को लेकर जिले के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी शैलेन्द्र खरे को निर्वाचन प्रेक्षक नियुक्त किया है। निर्वाचन प्रेक्षक श्री खरे ने बुधवार को उपजिला निर्वाचन अधिकारी साधना परस्ते व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज केडिया के साथ बैठक कर मतदान केन्द्रों व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की।

            श्री खरे ने जिले के संवेदनशील व अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों के संबंधी में जानकारी ली और ऐसे केन्द्रों में सुरक्षा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन को लेकर जिले में की जा ही तैयारियों व गतिविधियों के संबंध में भी श्री खरे ने जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। वहीं जिला सुरक्षा प्लान, 700 मतदाताओं से अधिक संख्या वाले मतदान केन्द्रों में अतिरिक्त व्यवस्था कराने और मतदान केन्द्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में भी बैठक में चर्चा की गई।

जिले में कम से कम 5 आदर्श मतदान केन्द्र बनायें: श्री बसंत प्रताप सिंह

(कटनी)- राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बसंत प्रताप सिंह ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि जिले में कम से कम पॉंच मतदान केन्द्रों को आदर्श मतदान केन्द्र के रूप में तैयार किया जाए। इन मतदान केन्द्रों में मतदान दिवस पर जरूरी व्यवस्थाएँ कर आदर्श मतदान केन्द्र बनाया जा सकता है।

आदर्श मतदान केन्द्र की विशेषताएँ

            मतदान केन्द्र भवन के भू-तल पर बनायें। प्रवेश द्वार को तोरण द्वार, रंगोली, गुब्बारों एवं फूलों आदि से सजायें। मतदाताओं के लिए छायादार प्रतीक्षा कक्ष, बैठने के लिए कुर्सियाँ/स्वच्छ दरी आदि की व्यवस्था करें। पेयजल, शौचालय की व्यवस्था और सुगम पहुँच मार्ग बनायें। महिला एवं पुरूषों के लिए पृथक-पृथक लाइन बनाने के साथ ही वरिष्ठ, वृद्ध, बीमार एवं दिव्यांग मतदाताओं को मतदान में प्रथामिकता दिलाये। प्रवेश एवं निर्गम द्वार पृथक-पृथक बनायें। रैम्प और व्हील चेयर और फसर््ट एड बॉक्स की व्यवस्था करें। मतदान केन्द्र के पास सुविधा केन्द्र की स्थापना और आदर्श मतदान केन्द्र के प्रत्येक मतदाता को 100 प्रतिशत मतदाता पर्ची का वितरण करें।

त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन के लिए मतपेटियों का करें सुनियोजित प्रबंधन

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश जारी

(कटनी)- सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री राकेश सिंह ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिलों में उपलब्ध उपयोगी मतपेटियों की चरणवार आवश्यकता के आकलन तथा उपलब्ध मतपेटियों के अधिकतम सदुपयोग और प्रबंधन, आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार करें। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष-2022 तीन चरणों में समस्त पदों के चुनाव मतपत्र/मतपेटी से कराए जा रहे हैं।

मतदान केन्द्र पर मतपेटी

            प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक मतपेटी देने का प्रावधान है। वर्तमान में प्रति मतदान केन्द्र मतदाताओं की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए इन निर्देशों में परिवर्तन किया जा रहा है। पंचायत आम निर्वाचन-2022 में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदाता संख्या 500 तक होने पर एक बड़ी मतपेटी, 501 से 700 तक मतदाता होने पर एक बड़ी और एक छोटी मतपेटी तथा 700 से अधिक मतदाता होने पर 2 बड़ी मतपेटी दी जायें।

            त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2022 के लिए निर्धारित निर्वाचन कार्यक्रम में मतदान की तिथियों में पर्याप्त अंतराल रखा गया है। जिलों में 2 अथवा 3 चरणों में निर्वाचन कराए जाने की स्थिति में, प्रथम चरण के लिए उपयोग में लाई गई मतपेटी को द्वितीय चरण में तथा इसी प्रकार द्वितीय चरण के लिए उपयोग में लाई गई मतपेटी को तृतीय चरण में भी उपयोग किया जाए। किसी एक चरण में सम्मिलित किए गए विकासखण्डों में मतदान/ मतगणना के बाद उन विकासखण्डों में प्रयुक्त मतपेटियों को अगले चरण में सम्मिलित विकासखण्डों में मतदान के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए जिले के भीतर अंतर्परिवहन का उपयुक्त प्लान तैयार किया जाए। विशेष परिस्थितियों में यदि जिला निर्वाचन अधिकारी विकासखण्ड मुख्यालय पर मतगणना का निर्णय लेते हैं तो इस स्थिति में मतगणना के तत्काल बाद मतपेटियों को अगले चरण के निर्वाचन के लिए (सामग्री वितरण के पूर्व) संबंधित विकासखण्ड में अनिवार्यतः भिजवाने की व्यवस्था करें।

आवश्यकता का आकलन

            पंचायत आम निर्वाचन के पृथक-पृथक चरणों के लिए बड़ी एवं छोटी मतपेटियों की आवश्यकता का आकलन मतदाताओं की संख्या के वर्गीकरण के आधार पर किया जाए। प्रत्येक चरण में सम्मिलित विकासखण्डों में मतदाताओं की संख्या अनुसार निर्धारित मतदान केन्द्रों की संख्या को आधार मानकर चरणवार मतपेटियों की आवश्यकता परिगणित की जाए। प्रत्येक जिले में चरणवार आवश्यक मतपेटियों की संख्या की गणना की जाकर तीनों चरणों में से किसी भी एक चरण में उपयोग की जाने वाली अधिकतम मतपेटियों की संख्या को जिले की न्यूनतम आवश्यकता मानकर वास्तविक आवश्यकता का आकलन किया जाए। किसी जिले के पास छोटी मतपेटियाँ नहीं / कम होने की स्थिति में छोटी मतपेटी के स्थान पर बड़ी मतपेटी दी जाए।

            मतदान केन्द्र की आकस्मिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक जोनल / सेक्टर अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में रिजर्व मतपेटियाँ (छोटी/बडी़) दी जाना चाहिए। इसके लिए जिले की आवश्यकत्ता का आकलन करते समय न्यूनतम 10 प्रतिशत मतपेटियाँ रिजर्व रखी जाएँ तथा सामग्री वितरण के दौरान जोनल/सेक्टर अधिकारियों को दी जाएँ।

मतपेटियों का अंतर्जिला परिवहन

            आयोग स्तर से प्रत्येक जिले के लिए मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या को आधार मानकर मतपेटियों की चरणवार आवश्यकता का विस्तृत आकलन एवं विश्लेषण किया गया है। तदुपरांत 14 जिलों यथा-धार, देवास, खण्डवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, सीधी, उमरिया, अनूपपुर और कटनी में मतपेटियों की कमी है। इन जिलों को आवश्यक मतपेटियों की आपूर्ति, निकटस्थ जिलों से अंतर्जिला परिवहन के माध्यम से कराए जाने के आदेश जारी किये जा रहे हैं।

            मानकों के आधार पर गणना किए जाने के बाद यदि किसी जिले में मतपेटियों की कमी परिलक्षित होती है तो 2 दिन में अतिरिक्त मतपेटी की माँग से आयोग को अवगत करायें।

वर्तमान में मतपेटी की स्थिति

            जिलों में बड़ी मतपेटी 58 हजार 254 और छोटी मतपेटी 44 हजार 758 हैं। कुल मतदान केन्द्र 71 हजार 643 हैं। प्रथम चरण में 27 हजार 49, द्वितीय चरण में 23 हजार 988 और तृतीय चरण में 20 हजार 606 मतदान केन्द्रों में मतदान होगा।

 

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