शासन के साथ – साथ समाज की भी जिम्मेवारी है गरीब बच्चों की शिक्षा

(कटनी) गरीबी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बने। इसके लिए प्रदेश सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। शिक्षा स्तर के उन्नयन हेतु सीएम राइज स्कूल आरंभ किए गए हैं। आरटीई के तहत प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में भी आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। परंतु इसमें सामाजिक सहयोग भी आवश्यक है।
उक्त उद्गार ब्रह्म सत्ता की संपादक व राज्य शिक्षा सलाहकार डॉ. श्रद्धा तिवारी ने स्वयं की ओर से गरीब विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें वितरित करते हुए व्यक्त किए । डॉक्टर तिवारी ने आगे कहा कि जानकारी के आभाव में बहुत से अभिभावक आरटीई की सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते । समाज इन बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने में मदद कर सकता है। चूंकि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेशित बच्चों को अभी शासन की ओर से पुस्तकें देने का प्रावधान नहीं है ,अतः समाज पाठ्य पुस्तकें खरीदने में असमर्थ इन बच्चों को पुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराकर अपने दायित्व का निर्वहन कर सकता है।

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