भारतीय संस्कृति में विवाह समझौता नहीं, आत्माओं का पवित्र बंधन है – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

सीधी और खण्डवा जिले के सामूहिक विवाह समारोह से वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री

(भोपाल) मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विवाह कोई समझौता नहीं, बल्कि आत्माओं का पवित्र बंधन है। बेटियाँ हमारे लिये देवियाँ हैं, उनका विवाह पवित्र संस्कार है। एक समय था जब बेटियों को दुनिया में आने से रोका जाता था और बेटियों का विवाह बोझ माना जाता था, आज स्थिति बदल गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना से नवदम्पतियों को अपनी गृहस्थी चलाने में सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार ने सामग्री के स्थान पर राशि देने की व्यवस्था की है, जिससे नवदम्पति अपनी आवश्यकता के अनुकूल जरूरी सामान खरीद सकें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से जनपद पंचायत सीधी एवं बालादी जिला खंडवा में हो रहे मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। दोनों जिलों में लगभग 300 जोड़े आज विवाह-सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेटियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि उनकी कामना है कि बेटियाँ सुखी, निरोगी और प्रसन्न रहें। विवाह से जुड़ रहे दोनों परिवार एक-दूसरे का गौरव और सम्मान बढ़ाने का कार्य करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बेटियों के विवाह का क्षण उल्लास और आनंद का क्षण है। लाखों बेटियों का मामा होने के नाते मेरा प्रसन्न होना स्वाभाविक है। प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से बहनों के खाते में हर महीने 1000 रूपए की राशि पहुँचाई जाएगी। बेटियों और बहनों के कल्याण के लिए ऐसी कई योजनाएँ संचालित हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दोनों जिलों में सामूहिक विवाह समारोह में उपस्थित जन-प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन को उनकी सहभागिता और दिए जा रहे सहयोग के लिए बधाई दी।

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