हरिहर तीर्थ धाम में महान विभूतियों, जगतगुरूओं, पीठाधीश्वरों पदार्पण ने पवित्र हुई धरती, मंत्री, विधायकों सहित बड़ी बड़ी हस्तियां हुई शामिल

(विजयराघवगढ़) प्रधान सेवक संजय सत्येंद्र पाठक द्वारा विजयराघवगढ़ के ग्राम बंजारी स्थित रामराजा पर्वत पर भगवान परशुराम की 108 फुट की प्रतिमा की स्थापना कराने और हरिहर तीर्थ का निर्माण कराने का संकल्प पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं विजयराघवगढ़ महोत्सव मेले का आयोजन ऐतिहासिक और यादगार बन गया जहां धर्म, संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और समरसता के दर्शन पूरे एक माह तक देखने को मिले। एक ओर जहां विजयराघवगढ़ महोत्स में 15 मई से 15 जून तक आयोजित विशाल मेला मनोरंजन का साधन रहा तो वहीं देश, विदेश में सनातन धर्म की अलख जगाने वाले, धर्म पताका फहराने वाले जगतगुरूओं, पीठाधीश्वरों, महान संतों के समागम ने विजयराघवगढ़ की धरती को पावन कर दिया। प्रधान सेवक संजय सत्येंद्र पाठक के आमंत्रण पर हरिहर तीर्थ के भूमि पूजन के अवसर पर तुलसी पीठाधीश्वर रामनंदाचार्य जगतगुरू स्वामी रामभद्राचार्य जी, स्वामी अवधेशानंद जी महराज, बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, श्री श्री रविशंकर जी, श्री महंत राजेंद्रदास जी, शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, साध्वी ऋतंभरा दीदी, किन्नर अखाड़ा की साध्वी कल्याणी नंद गिरी जी, युवराज स्वामी बदरी प्रपन्नाचार्य जी सहित महान संतों का आगमन विजयराघवगढ़ की पावन धरा हुआ। मैहर के प्रधान पुजारी देवी प्रसाद जी भी हरिहर तीर्थ पहुंचे।

वहीं इस धार्मिक अनुष्ठान में सीएम शिवराज सिंह चैहान, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा, निगम के चेयर मैन विनोद गौंटिया, सतना सांसद गणेश सिंह आदि ने भी सहभागिता दर्ज कराई और संजय सत्येंद्र पाठक के संकल्प व परिकल्पना की मुक्त कंठ से सराहना की। 16 जून को रामकथा का रसपान स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कराया जिसके साथ ही विजयराघवगढ़ महोत्सव मेले का समापन किया गया। हर तरफ लोगों में केवल एक ही चर्चा है कि ऐसा आयोजन न कभी देखा है न कभी सुना गया है।

हर असंभव कार्य को संभव कर दिखलाने का जज्बा रखने वाले संजय सत्येंद्र पाठक को न सिर्फ साधू संतों ने आशीर्वाद दिया बल्कि लाखों लोगों द्वारा उन्हें दुआएं दी जा रही हैं। समापन की बेला में संजय पाठक ने एक माह तक चलने वाले इस आयोजन में सेवादार बनकर अपनी मेहनत करने वाले, आयोजन में सहभागी बनने वालों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान संजय पाठक भावुक भी हुए और कहा कि सभी का सहयोग इसी तरह मुझे मिलता रहेगा तो ऐसे पुनीत कार्य करते हुए मैं पूरे क्षेत्र की जनता जनार्दन के जीवन का सार्थकता प्रदान करने का प्रयास करता रहूंगा। यहां की जनता ने मुझे पुत्रवत स्नेह दिया है जिसका ऋण मैं कभी नहीं चुका पाउंगा लेकिन पुत्र के रूप में अपना कर्तव्य जीवन भर निभाता रहूंगा।

रिपोर्ट :- अजय त्रिपाठी,  विजयराघवगढ़ 

 

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