माझी समाज की लंबित मांगों का निराकरण करे शिवराज सरकार, मुख्यमंत्री के नाम मत्स्य पालन मंत्री तुलसी सिलावट एवं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक को सौंपा ज्ञापन

मंत्री ने दिया मुख्यमंत्री से चर्चा एवं मांगों के निराकरण का आश्वासन 
(कटनी) माझी समाज की ज्वलंत मांगों को लेकर विगत 15 जून को प्रदेश सरकार के मत्स्य पालन मंत्री तुलसी सिलावट एवं विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम सौंपा गया। जिलाध्यक्ष महेश सोंधिया ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया है कि मार्च में वित्तीय कालीन सत्र में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जबाव में आदिम जाति कल्याण मंत्री ने स्वीकार किया है कि धीवर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल माझी जनजाति है, जो कि विंध्य प्रदेश की अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची वर्ष 1951 के क्रमांक 7 में माझी जनजाति समाहित है। वर्तमान में माझी जनजाति अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची के सरल क्रमांक 29 में सम्मिलित है। धीवर, केवट, मल्लाह, भोई मूल माझी जनजाति एवं माझी जनजाति में समाहित होने के कारण अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची सरल क्रमांक 29 की माझी जनजाति है। मप्र पिछड़ा वर्ग आयेाग ने मूल माझी जनजाति धीवर, केवट, मल्लाह, भोई को पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक – 12 में सम्मिलित कर अनुसूचित जनजाति को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखने का कृत्य किया गया है। माझी समाज ने ध्यानाकर्षण कराया है कि आदेश क्रमांक एफ 21-6/25-5/91 29 अगस्त 1992 द्वारा माझी को पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से मात्र माझी जाति को विलोपित किया गया था, जबकि माझी जनजाति में समाहित/मूल माझी जनजाति धीवर, केवट, मल्लाह, भोई वर्तमान में भी पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित है। मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि मूल माझी जनजाति/माझी जनजाति में समाहित धीवर, केवट, मल्लाह, भाई को 29 अगस्त 1992 की भांति ही पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक-12 में यथा शीघ्र विलोपित कराए जाने के आदेश जारी किए जाएं। मत्स्य पालन मंत्री तुलसी सिलावट एवं विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने माझी समाज को आश्वासन दिया कि इन मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी।
✍️ (संतोष प्रसाद तिवारी)
RPKP INDIA NEWS
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