फीवर क्लिनिक के संचालन में कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकने रहे पुख्‍ता व्‍यवस्‍थाएं – कलेक्‍टर

( गुना )

कोविड-19 के मद्देनजर ब्राह्य रोगी विभाग में फीवर क्लिनिक के संचालन की हुई समीक्षा

कलेक्‍टर श्री एस.विश्‍वनाथन ने चि‍कित्‍सकों से अपेक्षा की है कि जिले में विभिन्‍न क्षेत्रों के रेड जोन से प्रवासी-श्रमिकों का आना हुआ है। ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के प्रकरणों की संख्‍या बढ़ने की संभावना है। चिकित्‍सकगण कोविड-19 के प्रकरणों में प्रभावी नियंत्रण एवं संक्रमण के फैलाव को रोकने तैयारी, आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाओं और उपचार एवं सेंपलिंग के लिए निर्धारित प्रक्रिया पर विशेष ध्‍यान केन्द्रित करें। यदि किसी मरीज का कोविड-19 के मद्देनजर सेंपल लिया गया है तो उसे होम अथवा संस्‍थागत क्‍वारेंटाइन या आईसोलेशन में अनिवार्यत: रखा जाए जब तक रिपोर्ट नही आ जाए। वरनेबल व्‍यक्तियों पर विशेष ध्‍यान केन्द्रित किया जाए। उन्‍होंने गले में खराश, सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वाले व्यक्ति को फीवर क्लीनिक तक पहुंचाने के लिए उस क्षेत्र के ए.एन.एम., आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सहायता लिए जाने के निर्देश दिए। कांटेक्ट ट्रेसिंग, संभावित मरीज की सेंपल संकलन के लिए मैदानी क्षेत्र में जितना अधिक सक्रिय रहेंगे और ज्ञान रखेंगे तो जिला कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने एवं कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण में उतना अधिक सक्षम होगा। कलेक्टर श्री विश्वनाथन जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में फीवर क्लिनिक के संचालन हेतु फीवर क्लीनिक में की जाने वाली आवश्‍यक व्यवस्थाएं, संचालन कि प्रक्रिया की समीक्षा एवं उन्मुखीकरण हेतु आयोजित जिला स्वास्थ समिति की बैठक में संबोधित कर रहे थे।
प्रारंभ में सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला चिकित्‍सालय डॉ. एस.के. श्रीवास्‍तव द्वारा जिले के समस्‍त शासकीय चिकित्‍सालयों (जिला चिकित्‍सालय, सिविल अस्‍पताल, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक, सिविल डिस्‍पेंसरी व प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र (ग्रामीण व शहरी) के ब्राह्य रोगी विभागों में सर्दी, खांसी, गले में दर्द, बुखाव सांस की तकलीफ (आईएलआई/एसएआरआई) के मरीजों के लिए पृथक रूप से फीवर क्लिनिक का संचालन के संबंध में समझाईश दी। उन्‍होंने इस संबंध में निर्धारित प्रकियाओं का पालन करते हुए संभावित कोविड संदिग्‍ध व्‍यक्ति की पहचान कैसे की जाए ? संभावित कोविड संदिग्‍ध व्‍यक्ति की जांच हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनानी है ? नॉन कोविड चिकित्‍सालय (फीवर क्लिनिक) हेतु किन निर्देशों का पालन किया जाना होगा ? फीवर क्लिनिक में कार्यरत चिकित्‍सकों व स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों द्वारा व्‍यक्तिगत सुरक्षा हेत किन बातों का ध्‍यान रखना है ?  कोविड संदिग्‍ध व्‍यक्ति यदि पॉजिटिव पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में क्‍या प्रक्रिया अपनानी है ? तथा यदि चिकित्‍सासलय में पदस्‍थ कि‍सी स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी में कोविड से संबंधित लक्षण मिले तो क्‍या प्रक्रिया अपनानी है ?, कि विस्‍तृत जानकारियां भी उन्‍मुखीकरण हेतु मौजूद प्रशिक्षणार्थी चिकित्‍सकों को दी।
इस मौके पर अपर कलेक्‍टर श्री उमेश शुक्‍ला, खंड चिकित्सा अधिकारी भदौरा, राघोगढ़, बीनागंज, बमोरी एवं आरोन, समस्त चिकित्सा अधिकारी,  शहरी चिकित्सा अधिकारी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कैंट, बूढ़े बालाजी एवं राघोगढ़ उपस्थित रहे।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें