रेरा कार्यशाला में भू-संपदा अधिनियम की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा

रेरा से मजबूत हो रहा रियल एस्टेट सेक्टर : क्रेताओं को सुरक्षित निवेश, प्रमोटरों को विश्वसनीयता

(सीधी)  रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के तत्वावधान में मानस भवन में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में रेरा के सचिव श्री राजेश बहुगुणा ने कहा कि भू-संपदा अधिनियम प्रमोटर और क्रेता के बीच विश्वास कायम करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे दोनों पक्षों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित होता है।उन्होंने बताया कि रेरा व्यवस्था लागू होने के बाद रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने की संस्कृति विकसित हुई है। अधिनियम के अंतर्गत परियोजनाओं का पंजीयन अनिवार्य होने से प्रमोटरों की विश्वसनीयता में वृद्धि होती है, वहीं क्रेताओं को भी सुरक्षित निवेश का भरोसा मिलता है।

कार्यशाला के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रेरा के प्रावधानों, पंजीयन प्रक्रिया, अधिकारों एवं दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि अधिनियम के तहत परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक करना अनिवार्य है, जिससे खरीदार सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। साथ ही, विलंब की स्थिति में जवाबदेही तय करने और शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि रेरा का दायरा शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों एवं सहकारी समितियों तक विस्तारित है, जिससे व्यापक स्तर पर उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। रेरा पोर्टल के माध्यम से पंजीयन, नवीनीकरण और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी रेरा की आवश्यकता और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए तथा आमजन को इसके प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष काजल वर्मा, उपाध्यक्ष दानबहादुर सिंह, पार्षद पूनम सोनी, गीता सिंह, विनोद मिश्रा, आनंद परियानी, बाबूलाल कुशवाहा, हल्के सोनी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चुरहट श्री विकास आनंद, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रिया पाठक, जिला पंजीयक अभिषेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं रियल एस्टेट से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए रेरा के प्रभावी क्रियान्वयन में सभी की सहभागिता पर बल दिया गया।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें