रेरा कार्यशाला में भू-संपदा अधिनियम की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा
रेरा से मजबूत हो रहा रियल एस्टेट सेक्टर : क्रेताओं को सुरक्षित निवेश, प्रमोटरों को विश्वसनीयता
कार्यशाला के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रेरा के प्रावधानों, पंजीयन प्रक्रिया, अधिकारों एवं दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि अधिनियम के तहत परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक करना अनिवार्य है, जिससे खरीदार सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। साथ ही, विलंब की स्थिति में जवाबदेही तय करने और शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि रेरा का दायरा शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों एवं सहकारी समितियों तक विस्तारित है, जिससे व्यापक स्तर पर उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। रेरा पोर्टल के माध्यम से पंजीयन, नवीनीकरण और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी रेरा की आवश्यकता और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए तथा आमजन को इसके प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष काजल वर्मा, उपाध्यक्ष दानबहादुर सिंह, पार्षद पूनम सोनी, गीता सिंह, विनोद मिश्रा, आनंद परियानी, बाबूलाल कुशवाहा, हल्के सोनी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चुरहट श्री विकास आनंद, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रिया पाठक, जिला पंजीयक अभिषेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं रियल एस्टेट से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए रेरा के प्रभावी क्रियान्वयन में सभी की सहभागिता पर बल दिया गया।
