प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को है शायद बड़े हादसे का इंतजार, स्थानीय सड़कों के जानलेवा गड्ढो में पेच वर्क कराने की मांग
(विजयराघवगढ़) विधानसभा मुख्यालय कहलाने वाले ऐतिहासिक नगर विजयराघवगढ़ में संयुक्त तहसील मुख्यालय, जनपद पंचायत , नगर परिषद कार्यालय के साथ विभिन्न कार्यालयो सहित सिविल न्यायालय, शासकीय सिविल हॉस्पिटल, एसडीओपी कार्यालय, शासकीय महाविद्यालय आदि स्थित है। उक्त कार्यालयो में प्रतिदिन समस्त अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति होती है किंतु यहां तो अंधेर नगरी चौपट राजा की कहावत सिद्ध हो रही है। चाहे वह संयुक्त तहसील कार्यालय पहुंच मार्ग की बात हो या नगर में प्रवेश कर विजयराघवगढ़ से कैमोर जाने का मार्ग हो, जनपद पंचायत व नगर परिषद पहुंचने का मार्ग हो, नगर का केंद्र बिंदु कहा जाने वाला आजाद चौक, अंधा मोड़ संकट मोचन चौक सहित नगर के विभिन्न मार्गो में आवागमन पर ऐसे गड्ढे मिलते हैं जो लोगों के जानलेवा सिद्ध हो रहे हैं। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पड़ रही है जिससे स्पष्ट है कि शायद बड़े हादसे का इंतजार हो। स्थानीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन को अखबारों के माध्यम से जनता की समस्याओं को उजागर किया जाता है। क्षेत्रीय जनों द्वारा जनहित में सुधार कार्य कराने की मांग की जाती रही है किंतु कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।जानकारों की माने तो आए दिन इन गड्ढो में कोई ना कोई हादसे होते रहते है, लोग चोटिल होकर स्थानीय प्रशासन व जन प्रतिनिधियों को कोसते रहते है।एक ओर नगर की सड़कों की स्थिति बद से बदतर है वही स्थानीय दूकान दारो द्वारा सड़को में दूकान का सामान रखकर आवागमन में बाधक सिध्द हो रहे है। साथ ही नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी से मेन रोड हो या वार्डो की सड़क कर जगह जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
भवन निर्माण का रा मटेरियल भी सड़को में रखकर आवागमन में बाधक सिद्ध हो रहे है। वही वाहनों की धमा चोकड़ी से हर जगह धूल के गुबारों से लोगो का दम घुट रहा है।

