मध्य प्रदेश बीएड कॉलेज मान्यता घोटाला के बाद विद्यार्थी एडमिशन लेने को तैयार नहीं: 40% सीट खाली

Advertisement

 (छतरपुर) मध्य प्रदेश में बीएड कॉलेज मान्यता घोटाला का खुलासा होने के बाद अब विद्यार्थी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए तैयार नहीं है। काउंसलिंग का लास्ट राउंड शुरू हो गया है, परंतु अब तक 40% सीट खाली है। उल्लेख करना अनिवार्य है कि नर्सिंग कॉलेज मान्यता घोटाला के कारण हजारों विद्यार्थियों के रिजल्ट रुके हुए हैं। फाइनल परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो पाया है।

मध्य प्रदेश में बीएड डिग्री कोर्स के लिए कितनी सीट
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम बीएड-एमएड, बीपीएड-एमपीएड, बीएड एमएड, बीए बीएड, बीएससीबीएड, बीएलएड सहित अन्य कोर्स की करीब 62 हजार सीट है। जिसमें सिर्फ बीएड की 58 हजार 950 और बाकी पाठ्यक्रमों की 4000 सीट है। एडमिशन के लिए दिनांक 1 मई से ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू हुई थी। अब काउंसलिंग का लास्ट राउंड चल रहा है लेकिन अभी भी 40% से ज्यादा सीट खाली है।

प्राइवेट कॉलेज संचालकों ने सरकार से मदद मांगी
एडमिशन के लिए अब तक 37000 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें से केवल 23000 विद्यार्थियों ने अपने डॉक्यूमेंट वेरीफाई करवाए हैं। दिनांक 25 जून को मेरिट लिस्ट पब्लिश हो जाने के बाद सीटों का आवंटन होगा। कॉलेज में फीस जमा करने की लास्ट डेट 1 जुलाई निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि, इस बार विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक वाला कॉलेज आवंटित किया जा रहा है। अभी तक कंफर्म किए गए एडमिशन में विद्यार्थियों के घर से कॉलेज की औसत दूरी 125 किलोमीटर है। प्राइवेट कॉलेज संचालकों का कहना है कि, लास्ट राउंड में 40% सीटों का भरना मुश्किल लग रहा है। ऐसी स्थिति में कोई एक्स्ट्रा राउंड होना बहुत जरूरी है, नहीं तो सीट खाली रह जाएगी।
 ✍️ (पंकज पराशर)
RPKP INDIA NEWS
        छतरपुर

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें