टीएल बैठक में कलेक्टर ने की समयसीमा प्रकरणों की समीक्षा
(खरगोन) 01 जुलाई को कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में टीएल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कलेक्टर द्वारा समयसीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आकाश सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती हेमलता सोलंकी, डिप्टी कलेक्टर श्री सत्येन्द्र बैरवा, एसडीएम श्री भास्कर गाचले एवं सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में महेश्वर, भीकनगांव, कसरावद, बड़वाह के एसडीएम तथा सभी जनपद पंचायत के सीईओ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि 01 जुलाई से नये कानून जन संहिता, न्याय संहिता एवं साक्ष्य संहिता को लेकर लागू हो गए हैं, अतः सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारी अपने समकक्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर इन नये कानूनों को अच्छी तरह से समझ ले और आमजन को भी इनके बारे में बताएं। आमजन जब कार्यपालिक दण्डाधिकारी के कोर्ट में आए तो उसे भी इन नये कानूनों एवं धाराओं के बारे में जानकारी होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने कोर्ट परिसर के बाहर नये कानूनों व धाराओं की जानकारी देने वाले पोस्टर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस के साथ नियमित रूप से समन्वय की जरूरत वाले विभाग खनिज, आबकारी, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भी अपने समकक्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर नये कानूनों व धाराओं के संबंध में जानकारी हासिल कर लें।
बैठक में बताया गया कि 29 जून को खरगोन जिले में पौधारोपण का वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर 01 लाख 51 हजार पौधे लगाए गए थे। इसी तर्ज पर आगामी 07 जुलाई को एक पौधा मां के नाम पर लगाने का अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर श्री शर्मा ने इस अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अभियान के लिए पौधों का इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 50 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्य करें। जिन विभागों के सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण लंबित पाये जाएंगे, उनके जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध वेतन रोकने की कार्यवाही की चेतावनी दी गई। सीएम हेल्पलाइन के साथ ही जनसुनवाई एवं जन आकांक्षा पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों के न्यायालयीन प्रकरणों पर गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उप संचालक कृषि को निर्देशित किया गया कि जिले में किसानों को डीएपी के स्थान पर अन्य खाद का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जिले में 60 से 75 प्रतिशत तक खरीफ फसलों की बोनी का कार्य हो चुका है। अतः किसानों को डीएपी के स्थान पर एनपीके, 20ः20ः0ः13 का उपयोग करने की सलाह देने के निर्देश दिए गए। इसके लिए किसानों से सतत सम्पर्क में रहने को कहा गया। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को अपने घरों पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत छत पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। 01 किलोवाट क्षमता के संयत्र के लिए 30 हजार रुपये, 02 किलोवाट क्षमता के संयत्र के लिए 60 हजार रुपये तथा 03 किलोवाट एवं इससे अधिक क्षमता के संयत्र के लिए 78 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। 01 किलोवाट क्षमता के संयत्र की लागत 60 हजार रुपये, 02 किलोवाट की लागत 01 लाख 20 हजार रुपये, 03 किलोवाट की लागत 01 लाख 80 हजार रुपये, 04 किलोवाट की लागत 02 लाख 40 हजार रुपये एवं 05 किलोवाट क्षमता के संयत्र की लागत 03 लाख रुपये आती है। एक बार संयत्र स्थापित हो जाने पर यह 22 से 25 साल तक सोलर पैनल से बिजली देता है और 03 साल में इसकी लागत वसूल हो जाती है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के ऑनलाइन आवेदन करवाने के निर्देश दिए और इसके लिए अपने कार्यालय में हेल्पडेस्क स्थापित करने कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए समन्वय का कार्य करने के निर्देश दिए।
