कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई का दायरा बढ़ा

डबरा, भितरवार व घाटीगांव के एसडीएम व्हीसी के जरिए जन-सुनवाई से जुड़े

(ग्वालियर)  आम जन की समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण हो सके, इस उद्देश्य से तकनीक का इस्तेमाल कर कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई का दायरा बढ़ाया गया है। इस बार हुई कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसडीएम डबरा, भितरवार व एसडीएम घाटीगांव भी शामिल हुए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने दूर-दराज से आए लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये जन-सुनवाई कक्ष से व्हीसी के जरिए संबंधित एसडीएम से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में इस बार 217 आवेदक पहुँचे थे।कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जमीन के बटवारे, सीमांकन व रैरा से संबंधित कुछ प्रकरण अपने संज्ञान में लिए हैं। साथ ही जमीन संबंधी आवेदनों को समयबद्ध कार्यक्रम के तहत निराकृत करने के लिये संबंधित एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को लिखित में निर्देश दिए। उन्होंने इलाज के लिये सहायता की आस लेकर जन-सुनवाई में पहुँचे लोगों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से इन सभी के इलाज का इंतजाम कराया।

जन-सुनवाई में पहुँचे सभी आवेदकों की समस्याओं को कलेक्टर श्रीमती चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार व श्री टी एन सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने एक-एक कर सुना। साथ ही उनके आवेदनों के निराकरण की रूपरेखा तय की। जन-सुनवाई में प्राप्त 217 आवेदनों में से 98 दर्ज किए गए और शेष आवेदनों पर आवश्यक टीप दर्ज कर समय सीमा में निराकृत करने के लिये सीधे ही विभागीय अधिकारियों व संबंधित एसडीएम को दिए गए।

जन-सुनवाई में आए लोगों को वितरित की मलेरिया से बचाव की दवा

ग्वालियर कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनकी सेहत का भी ध्यान रख रही है। कलेक्ट्रेट के जन-सुनवाई कक्ष के बाहर इस बार भी आयुष विभाग द्वारा होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर लगाकर 91 लोगों को नि:शुल्क “मलेरिया ऑफ 200 औषधि” वितरित की गई। यह औषधि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर मलेरिया से बचाव में महती भूमिका निभाती है।

आयुष विभाग द्वारा लगाए गए होम्योपैथिक शिविर में जिला आयुष अधिकारी डॉ. मंगल सिंह यादव सहित डॉ. प्रेमलता कुशवाह, डॉ. भागसिंह कुशवाह एवं संजू शर्मा सहित आयुष विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग रहा।

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