जनपद में पुलिस मुठभेड़ को लेकर चर्चाएं
जनपद में पुलिस मुठभेड़ को लेकर चर्चाएं
झांसी ।
बदमाशों ने SO को मारी गोली, एनकाउंटर में मारा गया आरोपी खनन माफिया
मोठ थाने के एसएचओ धर्मेंद्र चौहान दो दिन पहले छुट्टी पर अपने घर कानपुर गए थे. शनिवार की रात वह कानपुर (Kanpur) से अपनी कार द्वारा मोंठ आ रहे थे. खनन माफिया ने रास्ते में उनको फोन कर कहा कि वह मिलना चाहता है. इसके बाद ही इस घटना को अंजाम दिया गया ।
झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी में शुक्रवार देर रात बदमाशों ने एक बार फिर पुलिस को चुनौती देते हुए थाना मोंठ में तैनात थानाध्यक्ष को गोली मारकर सनसनी फैल दी. इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया. आनन-फानन में घायल इंस्पेक्टर को उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
बताया जा रहा है कि मोंठ प्रभारी निरीक्षक धर्मेद्र सिंह चौहान ने दो दिन पहले अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की थी. एक खनन माफिया का ट्रक सीज कर दिया था. इससे माफिया खुन्नस खाए हुए थे. घटना को अंजाम देने के बाद खनन माफिया अपने साथी के साथ कार भी लूट ले गए. घटना की जानकारी होने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई. मौके से पुलिस को बाइक और कारतूस बरामद हुए हैं.
वारादत के पुलिस ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी. इसी दौरान मोंठ इंस्पेक्टर पर गोली चलाने वाले आरोपी खनन माफिया पुष्पेंद्र यादव की पुलिस से मुठभेड़ हो गई. गुरसराय इलाके में पुलिस को देखकर पुष्पेंद्र ने फायरिंग कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से पुष्पेंद्र घायल हो गया. घायल आरोपी को लेकर पुलिस अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया.
हमले से पहले इंस्पेक्टर को किया फोन बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र दो दिन पहले छुट्टी पर अपने घर कानपुर गए थे. शनिवार की रात मोंठ इंस्पेक्टर कानपुर से अपनी कार से मोंठ आ रहे थे. खनन माफिया ने रास्ते में उनको फोन कर कहा कि वह मिलना चाहता है. इस पर इंस्पेक्टर ने मोंठ से पहले हाइवे पर मिलने के लिए कहा. जैसे ही वहां कार से इंस्पेक्टर पहुंचे खनन माफिया ने फायरिंग कर दी. गोली उनके बगल से निकल गई. इसके बाद माफिया और उसके साथी ने इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया. घटना की जानकारी पाकर डीआईजी सुभाष सिंह बघेल, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक देहात राहुल मिठास समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गई.
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि दो दिन पहले मोंठ इंस्पेक्टर ने एक बालू माफिया की गाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीज कर दी थी. इसके बाद बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया है. एसएसपी ने बताया कि बदमाशों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. वहीं, इंस्पेक्टर की हालत स्थिर बताई जा रही है. एसएसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि गोली इंस्पेक्टर के गाल को छूते हुए निकल गई थी ।
घटना को लेकर पुलिस मुठभेड़ को फर्जी माना जा रहा है समाजवादी पार्टी व अन्य दलों के नेताओं ने इस घटना को सोची समझी साजिश करार दिया है और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर अनेक आरोप लगाए गए । कुल मिलाकर इस घटनाक्रम की चर्चाएं आम हो रहे हैं और मामला बे जनपद से प्रदेश की राजधानी तक फैलने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं ।
