अक्षय ऊर्जा दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित किए गए विविध कार्यक्रम
(खरगोन) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस खरगोन में प्राचार्य डॉ. शैली जोशी के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा अक्षय ऊर्जा दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। प्रो. ललित भटानिया ने विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन स्टाफ को पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और दैनिक जीवन प्रक्रियों में उर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग के लिए संकल्प दिलाया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. जोशी ने बताया आज भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां बनाई हैं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल विद्युत और जैव ईंधन जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों का तेजी से विकास हो रहा है। इसके पश्चात अक्षय ऊर्जा पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश चौधरी ने अपनी व्याख्यान में बताया कि अक्षय ऊर्जा आज के समय में एक बेहद महत्वपूर्ण विषय बन गया है। यह न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण समाधान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भौतिक विभागाध्यक्ष प्रो. ललित भटनिया ने विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण के लिए अपने जीवन में छोटे-छोटे प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. गणेश पाटिल ने बताया कि भारत प्राचीन काल से ही प्रकृति के साथ एक गहरा नाता रखता रहा है। हमारी ज्ञान परम्परा में पर्यावरण के संरक्षण और संसाधनों के सतत विकास हेतु उपयोग पर बहुत जोर दिया गया है। अक्षय ऊर्जा इसी परम्परा का एक आधुनिक रूप है। इसी के साथ अक्षय ऊर्जा और भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अक्षय ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
इस अवसर पर महाविद्यायीन स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. राजू हमीर देसाई, डॉ. रेखा शर्मा, प्रो. संदीप बिरला एवं डॉ. तुषार जाधव, डॉ. पुष्पा पटोते, प्रो. मनोज भार्वे द्वारा किया गया।