मुर्गीपालन से मीना सिंह की जिंदगी हुई आसान रोजगार हेतु भटकने की समस्या का हुआ समाधान
(कटनी) जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के ग्राम पंचायत कोठी के आदिवासी मोहल्ला वार्ड क्रमांक-2 में मनरेगा योजना के माध्यम से 1 लाख 40 हजार रूपये की लागत से मुर्गीपालन शेड निर्माण कार्य 25 सिंतंबर 2018 को ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रारंभ किया गया। उपरोक्त शेड का निर्माण कार्य 3 जून 2020 को पूर्ण हुआ। इस हितग्राही मूलक कार्य के दौरान हितग्राही मीना बाई, अंगद सिंह को 257 दिवसो का रोजगार सृजित हुआ।यह कार्य गुलजार सिंह ग्राम रोजगार सहायक, आनंद उसरेठे सहायक यंत्री, ओ.पी.गुप्ता उपयंत्री की देखरेख में किया गया।8 हजार प्रतिमाह की हो रही आय ग्राम पंचायत कोठी के आश्रित ग्राम कोठी के निवासी मीना, अंगद सिंह की आजीविका के लिये मुर्गीपालन शेड निर्माण के पूर्व दैनिक मजदूरी का परिवार का पालन पोषण किया जाता था मनरेगा योजनांतर्गत शासन के निर्धारित प्रावधान अनुसार पोल्ट्री शेड के स्वीकृत एवं पूर्ण होने के उपरांत हितग्राही की आजीविका अमूल-चूल परिवर्तन हुआ है अब हितग्राही अपने घर में ही रहकर 5 हजार रूपये से लेकर 8 हजार रूपये तक की आय प्राप्त होने से खुशीपूर्ण जीवन व्यतीत हो रहा है।जिंदगी हुई सहज ग्राम पंचायत कोठी के आश्रित ग्राम कोठी के निवासी मीना, अंगद सिंह के जीवन में मुर्गी पालन शेड के निर्माण होने से जहां उसे मजदूरी करने हेतु बाहर नहीं जाना पडता है वही उसे घर पर ही रहकर निश्चित आय की सुनिश्चितता हो गई है। हितग्राही की आजीविका अमोल चूल परिवर्तन हुआ है अब हितग्राही अपने घर में ही रहकर 5 हजार से लेकर 8 हजार रुपये तक की आय प्राप्त करने लगी है खुशी पूर्ण जीवन व्यतीत हो रहा है। पोल्ट्री शेड से प्राप्त होने वाली आय से हितग्राही द्वारा अपने जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य में भी सकारात्मक जीवन महसूस कर रहा हैं निश्चित आय की सुनिश्चितता के उपरांत हितग्राही के द्वारा बैंकिंग प्रक्रियाओं का संचालन भी किया जाने लगा है।
