शासकीय आदर्श महाविद्यालय उमरिया में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए विचार गोष्ठी संपन्न

(उमरिया) स्वच्छता पखवाड़ा 2024 के अंतर्गत महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वाधान में 26 सितंबर को महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा उसके स्थान पर कपड़े एवं कागज के बने बैग का उपयोग करने के लिए जागरूकता अभियान के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । विचार गोष्ठी में अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ नवीन उपाध्याय ने सिंगल उसे प्लास्टिक के उपयोग के वैश्विक परिदृश्य को ,मानव खाद्य श्रृंखला से जोड़ते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरे को विश्व का सबसे बड़ा खतरा बताया है । सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से होने वाली पर्यावरण को हानि ,समुद्री जल जीवन की हानि एवं अंत में मानव जीवन के खतरे को समझाते हुए डॉ परिणीता त्रिपाठी मैडम ने छात्र-छात्राओं को बाजार जाते समय कपड़े के थैली अथवा कागज के बैग घर से लेकर जाने की अपील की । डॉ वीरेंद्र विश्वकर्मा द्वारा वर्तमान में एक दिन में उपयोग की जाने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं उसके अपघटन के लिए उपयोग की जाने वाली वैज्ञानिक तकनीक को छात्र-छात्राओं को बताया । डॉ स्वराज पाल ने छात्र-छात्राओं को प्लास्टिक से होने वाली बीमारियों के बारे में बताएं स कार्यक्रम में स्वच्छता पखवाड़ा 2024 के संयोजक डॉ बेबी धुर्वे एवं सहसंयोजक डॉ राजीव तिवारी की उपस्थिति रही । कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय द्वारा कपड़ों की थैली उपयोग करने के लिए सभी छात्रों को थैले वितरित किए गए। कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नियाज एवं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक संरक्षक अभय कुमार पांडे के साथ डॉ विष्णुकांत तिवारी, डॉ रश्मि साकेत , तबस्सुम बानो, सुनील हिरवे, मनीष मिश्रा, डॉ रिचा तिवारी, हरीश शुक्ला, दिनेश विशवकर्मा सहित महाविद्यालय के बीएससी एवं एवं बीकॉम के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्र-छात्राओं के द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक को उपयोग को कम करने के लिए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अभियान के रूप में चलाने के लिए निर्देशित किया गया ।

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