भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में कृषकों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
(विजयराघवगढ़) भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में नवीन बस स्टैंड के पास विशाल किसान सभा का आयोजन किया गया जिसमें प्रशासन द्वारा कृषकों को कृषि कार्य हेतु सहयोग के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। उक्त किसान सभा में क्षेत्र भर के ग्रामीण अंचलों से किसानों की उपस्थिति में भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न पदाधिकारी द्वारा किसानों को संबोधित किया गया एवं चुनाव अवसर पर कृषक हित में की गई घोषणाओं को अनदेखा कर दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है ।
उपस्थित किसानों को जागरूक करते हुए अपने ओजस्वी उद्बोधन में यूनियन के प्रदेश प्रतिनिधि अमृतलाल पटेल ने कहा कि हम ग्रामीण किसानों को प्रशासन के जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन से मिलने वाली सुविधाओं का प्रलोभन देते हुए अनगिनत योजनाओं की घोषणाएं की जाती हैं और चुनाव होने के बाद केवल किसानों का शोषण किया जाता है। हमारे मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी कि गेहूं की एम एस पी 2700 रुपए प्रति क्विंटल धान की 3100रुपए प्रति क्विंटल सोयाबीन की6000 रुपए क्विटल इसी तरह चना उड़द मसूर कोदो जवा आदि फसलों की खरीदी मे एम एस पी बढ़ाई जाएगी। किंतु शायद कोई ध्यान नहीं दिया गया।जिसकी एम एस पी बड़ाई जाय। इसी तरह से सभी खरीदी केदो में कृषि उपज की छनाई व तौलाई आदी का खर्चा भी किसानों से वसूला जा रहा है जिसमें रोक लगाई जाए।
विगत वर्षों कारीतलाई खरीदी केंद्र में किसानों से₹40 प्रति क्विंटल उक्त कार्य के लिए लिया गया था। इसमें स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशे लागू की जाए। विद्युत विभाग द्वारा किसानों को कम रेट में बिजली उपलब्ध कराई जाय। जले हुए ट्रांसफार्मर शीघ्र बदलवाया जाए।फसल बीमा कराया जाय। ग्रामीण क्षेत्र की चरोखर एवं गोठनों की शासकीय भूमि से कब्जा मुक्त करवाया जाए। किसानो के राजस्व प्रकरणों का निपटारा कराया जाए। नहर के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा दिलाया जाए। शासन व कंपनियों द्वारा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाया जाए।किसानों की भूमि पर बिना अनुमति विद्युत टावर न लगाए जाए। इसी तरह से सभा में उपस्थित भारतीय किसान यूनियन के समस्त पदाधिकारी किसान हित में अपने-अपने विचार रखे ।
उक्त सभा का सफल संचालन जगदीश प्रसाद पटेल द्वारा किया गया। सभा समापन उपरांत उपस्थित समस्त किसान संयुक्त तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम का 11सूत्रीय ज्ञापन पत्र तहसीलदार मनीष शुक्ला को सौंपकर शीघ्र निराकरण की अपेक्षा की गई।निराकरण न होने पर भारतीय किसान यूनियन आंदोलन की राह अपनाने बाध्य हो जाएगा।
