प्रधानमंत्री ने रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना राष्ट्र को समर्पित की

( सिंगरौली )

पर्यावरण तथा मानव जीवन की सुरक्षा की मजबूत नींव बनेगा रीवा सौर परियोजना-:प्रधानमंत्री श्री मोदी सौर ऊर्जा स्योर, सिक्योर और प्योर है-:प्रधानमंत्री

  देश की सबसे बड़ी 750 मेगावाट की रीवा अल्ट्रा मेगा सौर विद्युत परियोजना का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से लोकार्पण किया। समारोह में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ से राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, भोपाल से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा दिल्ली से कई केन्द्रीय मंत्री शामिल हुए।
सोलर परियोजना का लोकापर्ण करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पर्यावरण तथा जीवन की सुरक्षा के लिए रीवा सौर परियोजना मजबूत नींव साबित होगी। इस परियोजना से 750 मेगावाट ग्रीन बिजली मिल रही है। इससे हर वर्ष 15.7 लाख टन कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा। यह दो करोड़ 60 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। रीवा सौर परियोजना  आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश तथा आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रीवा की पहचान सफेद बाघ तथा माँ नर्मदा के नाम पर थी। सोलर परियोजना ने रीवा को नई पहचान दी है। सोलर परियोजना इस शताब्दी की ऊर्जा जरूरत पूरी करने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आज का दिन रीवा के लिए ऐतिहासिक और गौरव का क्षण है। रीवा सौर परियोजना ने सस्ती और ग्रीन बिजली का उपहार देश को दिया है। इस परियोजना से स्योर, सिक्योर और प्योर ऊर्जा मिलेगी। सूर्य भगवान की कृपा जब तक है तब तक इससे ऊर्जा मिलना स्योर है तथा सिक्योर है। इससे पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुंच रही है जिससे यह प्योर ऊर्जा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के अन्य स्त्रोत समाप्त हो सकते हैंए पर सूर्य हमेशा रहेगा इसलिये सौर परियोजना आत्मनिर्भरता का बहुत बड़ा प्रतीक है। जब पूरी दुनिया पर्यावरण सुरक्षा और उद्योगों के विकास के द्वंद में फंसी हुई थी तब भारत ने सौर परियोजना जैसा सफल प्रयोग करके ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया को नई राह दिखाई है। इससे आम आदमी के जीवन को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। छोटे कदम भी बड़ी सफलता साबित होते हैं। देश में छरू साल पहले एलईडी बल्ब लगाने के निर्णय के बाद 36 करोड़ एलईडी बल्ब अब तक लगाये जा चुके हैं। इनसे 600 अरब यूनिट बिजली की हर साल बचत हो रही है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में ग्रीन एनर्जी का महत्व बढ़ा है। इसके लिए भारत ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस ;आइसाद्ध का गठन किया है। सौर ऊर्जा की तकनीक तथा उपकरणों में लगातार सुधार हो रहा है। बड़े सोलर प्लांट के साथ.साथ रूफ टॉप प्लांट से भी सौर ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। मध्यप्रदेश के किसान अनुपजाऊ भूमि में सोलर प्लांट लगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के किसानों ने कोरोना संकट काल में ही गेंहू का रिकार्ड उत्पादन करके अपनी क्षमता सिद्ध कर दी है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रवासी मजदूरों तथा अन्य गरीबों को नवम्बर माह तक निरूशुल्क अनाज दिया जायेगा। निजी क्षेत्र के कामगारों की ईपीएफ की राशि सरकार जमा करेगी। स्वनिधि योजना से पथ पर विक्रय करने वालों को दस हजार रूपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। सरकार हो या समाज मानवीय संवेदना दोनों के लिये आवश्यक है। देश को आगे बढ़ाने तथा मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए घर से निकलते समय आमजन दो गज की दूरी का पालन करें। कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाये तथा साबुन अथवा सेनेटाइजर से हाथ कीटणु रहित करते रहें। हम अनुशासन में रहकर ही कोरोना से अपना अमूल्य जीवन सुरक्षित कर पायेंगे।
समारोह में में स्वागत उद्बोधन देते हुए भोपाल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी मैन ऑफ आइडियाज हैं। उनकी प्रेरणा से ही मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना का सृजन हुआ है। रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना का 22 दिसम्बर 2017 को शिलान्यास हुआ और रिकार्ड समय में यह पूरी हो गई। यह परियोजना मध्यप्रदेश के लिए गेम चेंजर परियोजना साबित होगी। दिल्ली मेट्रो को इस परियोजना की 24 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आगर, शाजापुर, मंदसौर, ओंकारेश्वर,छतरपुर तथा मुरैना में प्रस्तावित सौर परियोजनाओं से 2022 तक 10 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो सकेगा।

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