एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेटलावद में ’’आओ जाने अपनी आकाश गंगा को’’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन
(झाबुआ) गुरुवार को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेटलावद में ’’आओ जाने अपनी आकाश गंगा को’’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि श्री एस नटराजन, सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक नेहरू तारामंडल मुम्बई थे एवं विशिष्ट अतिथि अनुविभागीय अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा एवं सहायक संचालक रविन्द्र सिसोदिया, खण्ड शिक्षा अधिकारी आर.के. यादव एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति विद्धमान थे। नयी शिक्षा नीति के शैक्षणिक उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु एवं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक एवं तार्किक चिंतन विकसित करने हेतु इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के द्वारा एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों को (लिटिल साइंटिस्ट) बनाया जाना है जिसके लिए विद्यालय की तरफ से एक कोशिश की गई। इस कार्यशाला के आयोजन के दौरान एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सभी अतिथियों का हृदय की गहराईयों से स्वागत किया गया। प्राचार्य एवं स्टाफ द्वारा पधारे हुए अतिथियों का बेम्बू प्लांट देकर ग्रीन वैलकम किया गया और विद्यार्थियों द्वारा सरकार की लाभकारी योजनाओं की एक लघु प्रदर्शनी आयोजित की गई। जिसमें से मृदा परीक्षण प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया। इस प्रदर्शनी से वैज्ञानिक द्वारा सभी विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन भी किया गया।
जैसे ही नेहरू तारामंडल मुम्बई से आये वैज्ञानिक मंच पर विद्यार्थियों को संबोधित करने हेतु मंच पर पहुंचे और टेलिस्कोप का प्रदर्शन किया तो बच्चों द्वारा करतल ध्वनि की गूंज रूक नहीं पा रही थी। उनके द्वारा इस अद्वैतिय अनुभव का एहसास विद्यार्थियों के लिए बहुत ही रोमांचक था। इस कार्यशाला ने बड़ों-बड़ों को एक छोटे बच्चे में तबदील कर दिया। हर कोई टेलिस्कोप जैसे जादुई वैज्ञानिक उपकरण का अपूर्व अनुभव उठाना चाह रहा था। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने ही नहीं प्राचार्य, स्टाफ एवं सभी विद्यमान गणमान्य व्यक्तियों ने भी बढ-चढ कर अपनी आकाश गंगा को बहुत ही नजदीक से देखने का अनुभव प्राप्त किया। जहां एक तरफ हमारी देश की राजधानी प्रदूषण से जूझ रही है वहीं झाबुआ जिले के शुद्ध वातावरण एवं टिम टिमाते तारों भरी रात में इस कार्यशाला के आयोजन में बहुत सहायता की।
इस कार्यशाला के सफल आयोजन का श्रेय प्राचार्य नीलम भारती ने कलेक्टर नेहा मीना, सहायक आयुक्त निशा मेहरा के बहुमूल्य योगदान को दिया क्योंकि इन्होने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए केवल एकलव्य आदर्श विद्यालय को चयनित किया ताकि बच्चे रटंत प्रणाली को छोड़कर देखकर सीखने एवं अनुभव से सीखने की तरफ अग्रसर हो सकें। अंत में एकलव्य आदर्श विद्यालय परिवार ने श्री एस नटराजन को धन्यवाद ज्ञापित किया।
