शासकीय कन्या महाविद्यालय, बड़वानी में भी ईको क्लब द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। 1 से 14 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के अंतर्गत छात्राओं को स्वच्छता संबधित जानकारी देकर विभिन्न गतिविधियॉ करवाई जा रही है। संस्था की ईको क्लब प्रभारी डॉ. कविता भदौरिया ने सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान बताया कि गाँधीजी सदैव स्वच्छता के पक्षधर थे। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण माना था। उन्होने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना महामारी की विभिषिका को समाप्त करने के लिए भी स्वच्छता जरूरी है। छात्राओं को बार-बार 20 सेकण्ड तक हाथ धोने की आवश्यकता है, वही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क लगाना भी स्वयं की सुरक्षा एवं दूसरे की रक्षा के लिये आवश्यक है। इस दौरान उपस्थित छात्राओं को मास्क भी वितरित किये गये। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम गौतम द्वारा भी छात्राओं को पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया एवं छात्राओं के साथ मिलकर संस्था के प्रांगण में पौधारोपण किया गया।
( जबलपुर )
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संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण एवं सचिव रेडक्रास सोसायटी आशीष दीक्षित ने विभागीय कार्यों से अवगत कराते हुए रेडक्रॉस द्वारा किए कार्यों की जानकारी दी। भारतीय रेडक्रास सोसायटी जबलपुर द्वारा किए गए सराहनीय कार्य हेतु आयुक्त नि:शक्तजन द्वारा प्रशंसा एवं सराहना की गई एवं इस आशय का प्रशंसा पत्र कलेक्टर श्री यादव को सौंपा। रेडक्रास के अध्यक्ष कलेक्टर श्री भरत यादव ने रेडक्रास द्वारा किये गये कार्यों की विस्तार से जानकारी दी एवं दिव्यांगों के लिऐ कार्यों से अवगत कराया। सदस्य रेडक्रास नीरज वर्मा द्वारा रेडक्रास के बारे में बताया गया कि राशन, फूड पैकेट का वितरण 50 से अधिक एनजीओ के द्वारा किया गया। लॉकडाउन के दौरान भोजन के 18 से 20 हजार पैकेट प्रतिदिन वितरित किये गये हैं। 32 हजार से अधिक राशन किट का वितरण किया गया है। 2 लाख मास्क, एक लाख सैनेटाइजर रेडक्रास द्वारा बांटे गये हैं। श्री मुकेश अग्रवाल सदस्य रेडक्रास द्वारा बताया गया कि रेडक्रास के द्वारा कोविड 19 के बारे में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। वार्ड वार्ड जाकर दवाई, पानी की बाटल, दाल चावल भी व्यक्तिगत रूप से बांटा गया। साथ ही रक्तदान कार्यक्रम किया गया। आयुक्त नि:शक्तजन ने डीडीआरसी में मनोवैज्ञानिक परामर्श केन्द्र खोलने की आवश्यकता बताई जिसमें कोविड 19 के दौरान नि:शक्तजनों की काउन्सलिंग की जावे। परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र के द्वारा बताया गया कि वर्तमान में हमारा घर हमारा विद्यालय के अन्तर्गत घर पर ही शिक्षण प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को 06 जुलाई से प्रारंभ किया गया है और इसमें पहले व्हाट्सएप पर पढाई सुबह समय 10 बजे से दोपहर 01 बजे तक घर पर ही घण्टी बजाकर करवाया जा रहा है। दिव्यांग बच्चे भी 374 जुडे हुऐ हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक दिव्यांगजनों की संख्या 900 है। रोजगार अधिकारी ने बताया गया कि जिले में 7176 प्रवासी मजदूर बाहर से आये हैं उनमें से दिव्यांग जनों के पुनर्वास एवं रोजगार हेतु आयुक्त ने निर्देशित किया। स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय विभाग के मध्य समन्वय की आवश्यकता बताई। केन्ट बोर्ड में जो एनजीओ दिव्यांगजनों के लिये संचालित हैं उनका पूरा डाटा उपलब्ध कराने हेतु निर्देश आयुक्त नि:शक्तजन के द्वारा दिया गया। सभी विभाग प्रमुखों को डिसएबिलिटी की 21 दिव्यांगताओं के बारे में जानकारी दी गई एवं सामाजिक न्याय विभाग को 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की सूची समस्त विभागों को उपलब्ध कराने हेतु आदेशित किया गया। दिव्यांगों को रोजगार स्वरोजगार से जोडऩे पर जोर दिया। श्री मुकेश अग्रवाल रेडक्रास सोसायटी सदस्य द्वारा 20 दिव्यांगजनों को रोजगार देने का आश्वासन दिया। मोट्रेट ट्रायसाईकिल और अन्य उपकरण को सुधार कार्य हेतु डीडीआरसी को निर्देशित किया गया। नेत्र परीक्षण हेतु 2500 चार्ट जूनियर रेडक्रास द्वारा डीपीसी और शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराये जाएंगे। डीडीआरसी केन्द्र को सुगम्य एवं उच्च गुणवत्ता युक्त बनाने हेतु पी आई यू को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर एक दिव्यांग को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भी प्रदान की गई। |
