मध्यप्रदेश बनेगा रेल और मेट्रो निर्माण का हब , रायसेन में बीईएमएल की नई इकाई से औद्योगिक विकास को रफ्तार
बेंगलुरु/रायसेन। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र के अभूतपूर्व आधुनिकीकरण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु स्थित बीईएमएल (BEML) की अत्याधुनिक कार्यशाला से 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रायसेन जिले के उमरिया क्षेत्र में बीईएमएल की नई निर्माण इकाई के लिए भूमि आवंटन-पत्र कंपनी के चेयरमैन एवं एमडी श्री शांतनु रॉय को सौंपा।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा, “मध्यप्रदेश अब मेट्रो और रेलवे निर्माण के क्षेत्र में देश का नया हब बनने जा रहा है। रायसेन में बीईएमएल की नई इकाई औद्योगिक इको सिस्टम को मजबूती देगी और हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।”

बीईएमएल का 2100वां कोच – तकनीकी नवाचार का प्रतीक
बीईएमएल द्वारा निर्मित यह 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के माध्यम से तैयार किया गया है। इस कोच में ड्राइवरलेस ऑपरेशन (Grade of Automation – GoA) की सुविधा उपलब्ध है।
भारत में पहली बार इसमें “ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम” लगाया गया है, जो रियल टाइम मेंटिनेंस, डाइग्नोसिस और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। पाँच उन्नत मॉड्यूल – रेल ट्रैक निगरानी, ओएचई स्थिति, पैंटोग्राफ संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण – इस कोच को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।

आधुनिक सुविधाओं से युक्त कोच
इस अत्याधुनिक मेट्रो कोच में यात्रियों के लिए कई उन्नत सुविधाएँ शामिल हैं:
1 . एर्गोनॉमिक डिज़ाइन और इंटीरियर
2 डायनॅमिक रूट मैप्स
3 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे
4 डिजिटल फायर डिटेक्शन सिस्टम
5 एडवांस एयर कंडिशनिंग
6 साइकिल स्टैंड
रायसेन में 60 हेक्टेयर भूमि पर बनेगी अत्याधुनिक निर्माण इकाई
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा रायसेन जिले के उमरिया में 60.063 हेक्टेयर भूमि बीईएमएल को आवंटित की गई है। इस इकाई में रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा, जो देशभर की नगरीय और रेलवे परियोजनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

मध्यप्रदेश–कर्नाटक के बीच विकास की नई साझेदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मध्यप्रदेश और कर्नाटक मिलकर परस्पर विकास के नए रास्ते खोलेंगे। बीईएमएल की इकाई न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी प्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी।”
बीईएमएल के चेयरमैन श्री शांतनु रॉय ने कहा कि रायसेन इकाई भारत के नगरीय रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और सशक्त बनाएगी और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगी।
🔗 यह कदम मध्यप्रदेश को रेलवे तकनीक, निर्माण और नवाचार के वैश्विक नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

