स्मार्ट सिटी के पूर्ण कार्यों को जनोपयोगी बनाये रखने संधारण की कार्य योजना बनायें- गणेश सिंह
जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक संपन्न
सांसद श्री सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी के काम क्वालिटी के साथ समय पर पूरे होने चाहिये। इसके लिये संबंधित विभाग और एजेंसी पर जिम्मेदारी निर्धारित करें। सतना स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट की समीक्षा में बताया गया कि 943 करोड 27 लाख रूपये लागत के कुल 74 प्रोजेक्ट में 542 करोड 25 लाख रूपये लागत के 60 प्रोजेक्ट पूरे कर लिये गये है। जबकि 401 करोड 2 लाख रूपये लागत के 14 प्रोजेक्ट कार्य प्रगतिशील है। सांसद ने कहा कि नगर निगम के सीवर प्रोजेक्ट सहित अन्य कार्यों में बरसात के समय सावधानी बरती जाये और खुदाई तथा रेस्टोरेशन का कार्य बरसात में बंद होने पर अन्य पक्के कार्य किये जा सकते हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत योजनावार लाभांवित हितग्राहियों की जानकारी लेते हुए सांसद ने इनका प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिये। बरगी बांध के दाई तट नहर के कार्यो के समीक्षा के दौरान सांसद श्री सिंह ने कहा कि दिसंबर 2025 तक स्लीमनाबाद टनल से सतना की ओर पानी लाने में सक्षम होंगे। तब तक नागौद तक की मुख्य कैनाल को दुरूस्त रखने की कार्यवाही प्राथमिकता के रूप में करें। बारिश के दौरान निर्माण कार्यों के अतिरिक्त जो भी अडचने हों उन्हें दूर कर लिया जाये। एनएचएआई, एनएच पीडब्ल्यूडी बमीठा से सतना राष्ट्रीय राजमार्ग तथा एमपीआरडीसी की सडकों के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सांसद ने कहा कि बरसात के समय सभी सडकों के गड्ढे इत्यादि भरकर सडकों को मोटरेवल बनाये रखा जाये।
जल जीवन की समीक्षा में बताया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा रेट्रोफिटिंग और नवीन नलजल योजनाओं में से तीन विकासखंडों में कुल स्वीकृत 228 योजनाओं में 183 योजनायें पूर्ण कर ली गई हैं। जबकि 45 प्रगति पर है। इनमें 162 पूर्ण परियोजनाओं को पंचायत को हस्तांरित कर दिया गया है। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि सतना बाणसागर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना में 2 लाख 12 हजार 948 घरेलू कनेक्शनों के विरुद्ध 1 लाख 64 हजार 49 कनेक्शन किये गये हैं। इसी प्रकार सतना बाणसागर 2 ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना में रीवा तथा सतना जिले के कुल 995 ग्रामों में हर घर नल से जल पहुंचाया जाना है। कार्य की स्वीकृति लागत 2153 करोड रूपये है और कार्य की वर्तमान भौतिक प्रगति 70 फीसदी है। सांसद ने कहा कि जल निगम और पीएचई के अधिकारी सम्पूर्ण जानकारी सहित उपस्थित होकर विधानसभा स्तर पर विधायक की अध्यक्षता में पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर जानकारी दे। दिशा की बैठक में उपार्जन और खाद-बीज वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।
चित्रकूट के घाट पर आध्यात्मिक अनुभव प्रोजेक्ट का हुआ प्रजेंटेशन
चित्रकूट के समग्र विकास के तहत मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा मां मंदाकिनी के राघव घाट, भरत घाट और विश्राम घाट पर आध्यात्मिक अनुभव का हेरीटेज प्रोजेक्ट क्रियान्वित किया जा रहा है। स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत इन घाटों पर जनसुविधाओं एवं घाटों के आकर्षण के लिए कार्य किये जायेंगे। मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के इस कार्य हेतु कार्यकारी एजेंसी सवानी ग्रुप द्वारा दिशा की बैठक में पावर प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
