वित्तपोषण पर रिजर्व बैंक द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
(विदिशा) भारतीय रिजर्व बैंक, भोपाल कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय मिशन 3.0 (NAMCABS 3.0) के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के वित्तपोषण में कार्यरत बैंकर्स की क्षमता संवर्धन हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 19-20 अगस्त को विदिशा स्थित होटल सायाजी में किया गया था।
कार्यशाला का शुभारंभ भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक श्री हेमन्त कुमार सोनी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए समग्र आर्थिक विकास में MSME क्षेत्र की महत्ता एवं इसके सुदृढ़ीकरण में बैंकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
भारतीय रिजर्व बैंक के श्री सरवन एस (प्रबंधक) ने MSME वित्तपोषण में तकनीकी हस्तक्षेप, अकाउंट एग्रीगेटर, TReDS एवं ईसी मीटिंग की भूमिका पर विस्तृत सत्र लिया। वहीं श्री सौम्यदीप चैटर्जी (प्रबंधक) ने MSME के भारतीय संदर्भ, इसके महत्व एवं आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों की जानकारी दी।
लीड बैंक आफीसर श्री भगवान सिंह बघेल ने बताया कि कार्यशाला में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई है उनमें भारत सरकार की MSME क्षेत्र हेतु पहल,MSME खातों की प्रगति की निगरानी एवं तनाव प्रबंधन,CGTMSE एवं NCGTC की भूमिका,MSME ऋण प्रवाह को पुनर्जीवित करनाMSME ऋण में CIC की भूमिकाऋण दस्तावेज एवं वसूली की प्रक्रियाNPA प्रबंधन साथ ही, ट्रांस यूनियन CIBIL द्वारा एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने MSME क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का लाभ विदिशा, रायसेन, अशोकनगर एवं सागर जिलों के MSME उद्यमों को मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी। वित्तीय समावेश एवं विकास विभाग भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक महाप्रबंधक श्रीमती रोशनी हजेला द्वारा आंगतुको के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
