जेल में कैदियों के बीच कवियों ने जगाई देश प्रेम की अलख, पढ़ाया नैतिक मूल्यों का पाठ

कविताओं, गीत, मुक्तक, व्यंग आदि रचनाओं मनोरंजक बना कारागार का वातावरण

(कटनी) कवियों ने कैदियों के बीच जाकर न सिर्फ देश प्रेम की अलख जगाई बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों का पाठ भी पढ़ाया। कटनी काव्य कलश के तत्वावधान में झिंझरी जेल में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। अशोक विश्वकर्मा के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय सिंह राजपूत मौजूद थे। अतिथियों और कवियों द्वारा मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम को गति दी गई। सरस्वती वंदना के बाद देश भक्ति से ओतप्रोत रचनाओं ने शमा बांधा।

काव्य कलश के अध्यक्ष एमके नियाज़ी, कवि अजय त्रिपाठी, तुषार भट्टाचार्य, ध्रुव यादव, यादव, राकेश गर्ग आदि कवियों ने एक से बढ़कर एक शानदार रचनाएं पढ़कर तालियां बटोरीं। वहीं जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने शानदार गजल पढ़कर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर जेल शिक्षिका दीप्ति श्रीवास्तव सहित जेल का समस्त स्टाफ मौजूद था।कार्यक्रम का संचालन कवि घनश्याम बेलानी ने किया।

इसी प्रकार सतना के केंद्रीय जेल में भी कटनी काव्य कलश द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतीश सूखेजा अध्यक्ष चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स थे। अध्यक्षता जेल अधीक्षक श्रीमती लीना कोस्टा ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में कटनी काव्य कलश के अध्यक्ष एम के नियाज़ी, एवं पूर्व पार्षद कन्हैया लाल पोहानी मौजूद थे। अजय त्रिपाठी, राकेश गर्ग, गीता पाठक, अर्चना सोनी अर्चन, एम के नियाज़ी, घनश्याम बेलानी गुलाब आदि कवियों ने गीत, गजलों, कविताओं, हास्य, व्यंग के माध्यम से वातावरण को मनोरंजक बनाया और वाहवाही लूटी। इस अवसर पर तेजभान सिंह, रविशंकर चतुर्वेदी, अभिमन्यु पांडेय सहित जेल के स्टाफ की उपस्थिति थी।

 

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