जलकर वसूली कार्यों के संपादन हेतु महिला स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षित
(विदिशा) विदिशा जिले में जो नल जल थल योजनाएं पूर्ण हो रही हैं उनके संचालन हेतु ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर उनकी जन भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ग्राम पंचायतों के द्वारा जल कर वसूली में व्यवधान ना आए इसके लिए ग्राम की ही महिला स्व सहायता समूह को यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है ।इसके लिए महिला स्वास्थ्य समूह के सदस्यों को जलकर वसूली संबंधी कार्यों से भली भांति अवगत कराने के उद्देश्य विकासखंड स्तरों पर प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यांत्रिक श्री अनुपम गोहई ने बताया कि गत दिवस ग्यारसपुर और विदिशा विकासखंड में पंचायत को सुपुर्द की गई नल जल योजना क्षेत्र ग्रामों की महिला स्व सहायता समूह को विशेष तौर पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।
ग्यारसपुर
जनभागीदारी से सशक्त जल प्रबंधन कृ ग्राम पंचायतों को सौंपी गई नल-जल योजनाओं की जिम्मेदारी जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए उपखंड ग्यारसपुर में नल-जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं जलकर वसूली की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जा रही है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न ग्रामों के पंप एवं वाल्व ऑपरेटर भी सम्मिलित हुए।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को नल-जल योजनाओं के संचालन-संधारण की तकनीकी जानकारी, जलकर वसूली की प्रक्रिया तथा फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायतें समय पर जलकर वसूली सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं का सुचारु संचालन एवं मरम्मत कार्य नियमित रूप से हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि जनभागीदारी से ही योजनाएं दीर्घकालिक एवं टिकाऊ बन सकती हैं।
महिला स्व-सहायता समूहों ने नल-जल योजनाओं के संचालन में रुचि दिखाते हुए ग्राम स्तर पर साझा उत्तरदायित्व और पारदर्शिता का संदेश दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक यंत्री श्री प्रताप सिंह ठाकुर, जिला सलाहकार श्रीमती रेनू सक्सेना, उपयंत्री श्री प्रमित राठौर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर श्री भानु प्रताप धाकड़ उपस्थित रहे।
विदिशा उपखंड
स्व-सहायता समूहों को मिली नई जिम्मेदारी दृ जल प्रबंधन में बढ़ेगी जनभागीदारी उपखंड विदिशा में नल-जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं जलकर वसूली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु स्व-सहायता समूहों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों से जुड़े स्व-सहायता समूहों के सदस्य, पंप ऑपरेटर तथा वाल्व ऑपरेटरों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन, रखरखाव, जलकर की नियमित वसूली तथा फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
विभिन्न ग्रामों के स्व-सहायता समूहों ने इस प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई तथा अपने-अपने ग्रामों में नल-जल योजनाओं के संचालन-संधारण और जलकर वसूली को सशक्त रूप से संचालित करने का संकल्प लिया।
यह प्रशिक्षण ग्रामीण जल प्रबंधन में जनभागीदारी को सशक्त करने और स्थायी जल आपूर्ति प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद एडीओ, उपयंत्री श्री संतोष कुमार बोरबन, जिला सलाहकार श्रीमती रेनू सक्सेना, एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर श्री आशीष कुमार दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
