कलेक्टर के आदेश बेअसर, जनता बोली “क्या कलेक्टर अपने ही आदेशों का पालन करवाएंगे!
(मऊगंज) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा भावना से प्रेरित योजना कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के कार्य से लौट रहे रीवा जिला प्रबंधक रविशंकर मिश्रा का मऊगंज कलेक्टोरेट के सामने एक्सीडेंट — और वजह वही पुरानी, आवारा पशु! यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलता एक और सबूत बन गया है।
यह वही मऊगंज है जहाँ कलेक्टर संजय कुमार जैन ने खुद आदेश दिए थे कि ग्राम पंचायतों में यदि आवारा पशुओं की सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई, तो सचिवों को निलंबित किया जाएगा। मगर लगता है वो आदेश अब फाइलों की धूल में दबकर रह गए हैं और सड़कों पर खतरा आज भी वैसे ही घूम रहा है।
जनता का कहना है कि “मऊगंज स्मार्ट बन रहा है, लेकिन सड़कों पर पशु और प्रशासन दोनों बेकाबू हैं।” आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं — कोई हाथ टूटवा रहा है, कोई पैर; किसी की जान जा रही है, और किसी की उम्मीदें। सवाल ये है कि आखिर कितनी दुर्घटनाएँ और होंगी तब जाकर जिम्मेदार जागेंगे? नवनिर्मित जिला मऊगंज में कलेक्टर के आदेशों की धज्जियाँ खुलेआम उड़ रही हैं। अधिकारी फाइलें घुमा रहे हैं, बयान दे रहे हैं, पर ज़मीन पर हालात जस के तस हैं।
जनता अब कह रही है कि“अगर आदेश सिर्फ कागज़ों में ही रहने हैं, तो फिर जनता की जान की कीमत कौन देगा?” अब मऊगंज की जनता देख रही है कि क्या कलेक्टर संजय कुमार जैन अपने ही आदेशों का पालन करवाएंगे, या फिर यह मामला भी ‘आवारा वादों’ की तरह सड़कों पर भटकता रहेगा।
✍️ दीपक गुप्ता
पत्रकार, मऊगंज
