छात्रवृत्ति बहाली की मांग पर भड़का छात्रों का गुस्सा, पुलिस से झड़प – दो छात्राएं बेहोश
(भोपाल) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को चार साल से बंद पड़ी छात्रवृत्तियों को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। एनएसओ छात्र संगठन के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करते हुए ज़ोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो झड़प हो गई और अफरा-तफरी के बीच दो छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
छात्रों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
एनएसओ संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सिंह और राष्ट्रीय महासचिव आविद मंसूरी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में छात्रों ने सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेताया कि अगर 48 घंटे के भीतर छात्रवृत्ति बहाल नहीं की गई, तो वे महाआंदोलन छेड़ देंगे।
“चार साल से छात्रवृत्ति बंद, छात्र कर्ज में डूबे”
संगठन के अध्यक्ष गोपाल पाराशर ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले चार वर्षों से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के नर्सिंग छात्रों की छात्रवृत्तियाँ रोककर बैठी है। फीस जमा न कर पाने के कारण कई छात्र परीक्षा से वंचित हैं। संगठन ने ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति योजना में शामिल करने की मांग उठाई है।
पुलिस कार्रवाई पर आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन को दबाने के लिए लाठीचार्ज की चेतावनी दी और कई छात्रों को हिरासत में लिया। प्रदेश उपाध्यक्ष राघवेन्द्र लोधी और महासचिव सचिन ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन “एनएसओ न झुका है, न झुकेगा।”
शिक्षा नीति पर भी जताया विरोध
छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित करने की योजना शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगी। इस मुद्दे पर संगठन राज्यव्यापी विरोध दर्ज कराएगा।
आंदोलन में प्रदेशभर से जुटे छात्र
राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहे पर हुए इस आंदोलन में भोपाल, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर और अन्य जिलों से आए सैकड़ों छात्र शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
